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Amarnath Cloud Burst: कश्मीर में डॉक्टरों की छुट्टियों पर लगी रोक, पांच हजार सुरक्षाकर्मी बचाव कार्य में लगे

Sat, 09 Jul 2022 08:16 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से उपजे हालात के चलते पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग जिलों से अतिरिक्त डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ दवाओं और इमरजेंसी किट के साथ भेजने को कहा है। लगभग पांच हजार सुरक्षा कर्मियों को बचाव कार्य में लगाया गया है।
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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद बचाव कार्य में लगे सेना के जवान - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमरनाथ हादसे को लेकर कश्मीर स्वास्थ्य निदेशालय ने विभाग में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। निदेशालय ने कहा है कि स्थायी हो या अनुबंध, सभी कर्मचारी अगले आदेश से छुट्टी नहीं लेंगे। सभी अधिकारियों को मोबाइल फोन चौबीसों घंटे ऑन रखने के आदेश दिए गए हैं। उधर, बादल फटने के बाद लगभग पांच हजार सुरक्षा कर्मियों को बचाव कार्य में लगाया गया है।

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डॉक्टरों और स्टाफ को आपातकालीन स्थिति के लिए भेजेंगे

अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से उपजे हालात के चलते पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग जिलों से अतिरिक्त डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ दवाओं और इमरजेंसी किट के साथ भेजने को कहा है। श्रीनगर, बांडीपोरा, बारामुला और बडगाम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी अतिरिक्त डॉक्टरों और स्टाफ को आपातकालीन स्थिति के लिए भेजेंगे। पहलगाम और बालटाल में दवाईयों की पर्याप्त सप्लाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

पांच हजार सुरक्षाकर्मी बचाव कार्य में जुटे

पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद लगभग पांच हजार सुरक्षा कर्मियों को बचाव कार्य में लगाया गया है। इसके अलावा पंचतरणी, बालटाल समेत करीब एक दर्जन आधार शिविरों से 2 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भी भेजे गए हैं। इनमें आर्म्ड पुलिस, एसडीआरएफ के जवानों के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के पर्वतारोही बचाव दल को भी शामिल किया गया है।

घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए वायुसेना तैनात 

फंसे हुए लोगों को त्वरित गति से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए वायुुसेना की मदद से गुफा के पास एक अतिरिक्त हेलीपैड तैयार किया गया है। पंचतरणी हेलीपैड को रात के समय भी चालू रखा गया, ताकि राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न पहुंचने पाए। 

40 टीमें बचाव कार्य में जुटी

सीआरपीएफ, सेना, एसडीआरएफ, पुलिस, पर्वतारोही बचाव दल, आईटीबीपी, बीएसएफ की करीब 40 टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। गुफा, बरारी मार्ग और लोवर संगम जंक्शन, रेलपत्थरी से भी टीमों को मौके पर भेजा गया। यात्रा से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुफा के आसपास के सभी कैंपों से अतिरिक्त टीमों को मौके पर भेजा गया है। 

टीमों को मौके पर तैनात किया गया

एसडीआरएफ के कमांडेंट जनरल एच के लोहिया का कहना है कि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को मौके पर तैनात किया गया है। पहले से ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जेकेएपी की बचाव टीमों को मौके पर तैनात हैं। सेना की ओर से भी छह टीमों को इस अभियान में शामिल किया गया है। 

15,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
आईटीबीपी के मुताबिक, बादल फटने के बाद आए सैलाब के कारण पवित्र गुफा क्षेत्र के पास फंसे अधिकांश तीर्थयात्रियों को पंजतरणी पहुंचाया गया।  अब कोई भी तीर्थयात्री यात्रा मार्ग पर नहीं है। करीब 15,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

 

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