दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकियों की गोली का शिकार हुए युवा लेफ्टिनेंट उमर फैयाज युवाओं के आदर्श थे। फैयाज जम्मू के अखनूर में सेना की राजपूताना राइफल में तैनात थे।
पांच महीने पहले ही 10 दिसंबर 2016 को उन्होंने एनडीए से सेना में कमीशन प्राप्त किया था। वह 129वैं बैच के कडेट थे।
फैयाज ने अपने रिश्तेदार की शादी के लिए छुट्टी ली थी। उन्हें 25 मई को अखनूर क्षेत्र में मौजूद अपने यूनिट में वापस जाना था, लेकिन यह शादी उनकी जिंदगी की आखिरी शादी भी बन गई। आतंकियों ने फैयाज को शादी समारोह से अगवा कर उनकी हत्या कर दी। फयाज का गोलियों से छलनी शव दक्षिणी कश्मीर के हरमन में मिला था।
कुलगाम जिला आतंकियों के गढ़ के रूप में माना जाता है। आए दिन आतंकी युवाओं को सेना और पुलिस की नौकरी नहीं करने की धमकी देते हैं। आतंकियों की धमकियों का दरकिनार कर फैयाज ने एनडीए पास कर सेना में कमीशन प्राप्त की।
फैयाज की खेलों में भी काफी रुचि थी। वे एनडीए की हॉकी टीम में भी रह चुके हैं। उसके पिता पेशे से किसान हैं और वे घाटी में सेब की खेती करते हैं। उनकी मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।