केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं उधमपुर-डोडा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सपा नेता आजम खां विवादास्पद बयान देकर ही अब तक सियासत में जिंदा हैं। वह कब, क्या बोलते हैं, इसका कोई पता नहीं होता।
आजाद ने बुधवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि आजम की राजनीति ही ऐसी है कि वह विवादास्पद बयान देते रहे हैं।
दरअसल, आजम ने उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों एक रैली में कहा था कि वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में मुसलमान सैनिकों की कुर्बानी देकर जीत हासिल हुई थी।
भाजपा के घोषणापत्र में अनुच्छेद 370 को हटाने की बात कहे जाने पर आजाद ने कहा कि भाजपा में हमेशा यही है कि जब भी कोई नया नेता आता है तो वही पुरानी शराब ओर नई बोतल होती है।
भाजपा को बड़ी गलतफहमी है कि उसे हिंदू धर्म के नाम पर वोट मिलेगा। मुझे खुशी है कि इस देश का 95 प्रतिशत हिंदू धर्मनिरपेक्ष है और वह हिंदू और मुसलमान के बीच में खाई नहीं चाहते।
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी ने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर में नेकां-कांग्रेस गठबंधन सभी सीटों पर भारी मतों से जीत हासिल करेगा।
उपलब्धियों का बखान करते हुए आजाद ने कहा कि मेडिकल कालेज की जो घोषणा की गई, वह केवल एक राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश केलिए की गई। भाजपा को अगर इसमें अगर राजनीति दिखती है तो यह उसकी सोच है।