लोकसभा चुनाव के ठीक एक दिन पहले बुधवार को दो संदिग्ध दिखने से हड़कंप मच गया। दिन भर संदिग्धों को खोजने का सिलसिला चला, लेकिन कोई नतीजा सामने नहीं आया।
दोनों संदिग्ध जम्मू से चोरी की गई एक वैगनार गाड़ी से राजोरी पहुंचे, जो हरियाणा नंबर की है। तीन नाके तोड़कर संदिग्ध भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस और सेना ने उस क्षेत्र को पूरी तरह से घेरा हुआ है, जहां पर दोनों युवक छुपे हुए हैं।
देर रात तक सेना और पुलिस के जवान जांच में जुटे हुए थे। जांच के लिए सेना ने दो घंटे तक हवाई निगरानी और खोजी कुत्तों का भी सहारा लिया गया। जांच में सेना और पुलिस के करीब 800 जवान जुटे हुए हैं।
गाड़ी से नशीले पदार्थ, पाकिस्तानी सिक्का, गाड़ी की आरसी बरामद हुई है। बहरहाल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पसोपेश में हैं कि संदिग्ध आतंकवादी हैं या नशे का कारोबार करने वाले।
उधर, दो अन्य संदिग्ध युवकों को राजोरी के दशहरा ग्राउंड में भी देखने की खबर मिली है।
बुधवार को सुबह करीब 8 बजे राजोरी से 25 किलोमीटर दूर चिंगस फोर्ट के पास सेना की रोड ओपन पार्टी (आरओपी) ने सफेद रंग की बैगनार गाड़ी को सड़क के आउट साइड पर देखा, जिसमें दो युवक सोए हुए थे और उनके पास दो काले रंग के बैग थे।
सेना के जवानों ने जब उनसे पूछताछ की तो वह गाड़ी लेकर राजोरी की तरफ लेकर भागे। कुछ दूरी पर सेना की दूसरी टुकड़ी ने उन्हें रोका, लेकिन वह नहीं रुके।
इसके बाद वह चिंगस में पुलिस का नाका आने पर वह वहां से मुड़कर जम्मू की तरफ भागे। कुछ दूर जाने के बाद उन्होंने गाड़ी को वहीं छोड़ दिया और खुद गांव अंदरोला में घुस गए।
गांववासियों का कहना है कि एक युवक वहां से एक मेटाडोर में बैठकर राजोरी की तरफ निकल गया। दूसरा जंगल की तरफ भाग गया। सूचना पर एसपी, डीएसपी एसओजी की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
सेना भी खोजी कुत्तों को लेकर पहुंच गई। पुलिस और सेना ने अंदरोला गांव और उसके आगे जंगल में जांच की। देर रात तक करीब 800 सेना और पुलिस के जवान डांगरी, अंदरोला के जंगलों में जांच के लिए जुटे हुए थे।
जवानों ने पूरे इलाके को घेरा हुआ है, जबकि पूरे शहर में अलर्ट घोषित किया गया है। एसपी मुब्बसर लतीफी ने बताया कि या तो यह लोग नशे का कारोबार करने वाले हैं या फिर आतंकी। फिलहाल, इनकी तलाश की जा रही है।