ज्यौड़ियां। भाजपा का रिश्वतखोरी व भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा मात्र दिखावा साबित हो रहा है। वास्तविकता यह है कि सरकारी विभागों में यह बड़े पैमाने पर जारी है। इस कड़ी में तहसील को लिया जा सकता है।
इसका उदाहरण बुधवार को खौड़ तहसील खडाहबली के कार्यालय में देखने को मिला। यहां गांव नाथल निवासी यशपाल शर्मा ने पिता के देहांत के बाद जमीन का विरासती इंतकाल कराने के लिए तहसील कार्यालय खडाहबली में आवेदन किया। आरोप है कि इसके लिए पटवारी ने दो हजार रुपये की मांग की। जबकि विरासती इंतकाल की सरकारी फीस मात्र सौ रुपये है, लेकिन रिश्वत लेने के बाद भी पटवारी ने इंतकाल दर्ज नहीं किया। इसकी शिकायत यशपाल शर्मा तहसीलदार डॉक्टर अश्वनी हंसा से की। उन्होंने उसे नायब तहसीलदार से मिलने के लिए कहा। यशपाल अभी भी अपने काम के लिए भटक रहा है। इस संबंध में एसडीएम खौड़ देवेंद्र पाल भगत का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगाी। अगर ऐसा पाया गया तो उक्त पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर तहसीलदार ने पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। ब्यूरो