सेना की राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने सोमवार को उत्तरी कश्मीर के लोलाब इलाके में सात आतंकी मार गिराए। आतंकियों से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद हुए हैं।
फिलहाल मारे गए आतंकियों की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। सेना की ओर से इस संबंध में दी गई जानकारी में दावा किया गया है कि जिला कुपवाड़ा के लोलाब क्षेत्र के दर्दपोरा में सेना का दस्ता पेट्रोलिंग पर था।
इसी दौरान इलाके में पेड़ों के पीछे छिपे आतंकियों ने सेना को इलाके की घेराबंदी करते देख जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए सेना ने मुठभेड़ में सात आतंकियों को मार गिराया।
दोपहर करीब पौने तीन बजे मुठभेड़ शुरू हुई थी। दो घंटे से अधिक समय तक चली मुठभेड़ में सेना को आतंकवाद के खिलाफ इस साल की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी।
सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एनएन जोशी ने सेना के जवानों द्वारा मुठभेड़ में सात आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की। सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक इलाके में कुछ और आतंकियों की मौजूदगी की आशंका के चलते इलाके में अतिरिक्त जवानों को भी बुलाया गया है।
अंधेरा हो जाने के चलते पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक सेना को लोलाब क्षेत्र में कुछ आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी।
इसके चलते सेना की ओर से इलाके में आतंकियों की धरपकड़ के लिए सर्च आपरेशन चलाया जा रहा था। इसी दौरान दर्दपोरा इलाके में छिपे आतंकियों ने सेना के जवानों पर फायरिंग कर दी थी। उल्लेखनीय है कि घाटी भर में सुरक्षा बलों की ओर से आतंकियों के खिलाफ विशेष आपरेशन चलाया जा रहा है।
इसके तहत कुछ दिन पहले ही सेना, पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त अभियान के दौरान बड़गाम, सोपोर और अनंतनाग में जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल के आतंकियों को मार गिराया है। पर सोमवार को हुई मुठभेड़ में सेना ने सात आतंकियों को मारकर अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है।