जम्मू।
विजिलेंस ने किश्तवाड़ के दो पटवारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। छतरू तहसील के बटपूरा के रहने वाले निसार अहमद की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है।
निसार ने विजिलेंस को बताया कि सूरज भंडारी को उन्होंने अपनी दुकान किराये पर दी है। उसे कुछ लकड़ी की आवश्यकता थी। सूरज भंडारी के पास एक पेड़ था। सूरज ने उसे पेड़ दे दिया और कहा कि इसके बदले में छह महीने तक दुकान का किराया नहीं देगा। दोनों के बीच डील हो गई।
वह जब पेड़ गिराकर लकड़ी काटने गया तो गिरदावर गुलाम कादिर, पटवारी तौफीक अहमद और चौकीदार गुलाम मौके पर पहुंच गए। मापने के बाद पेड़ को जब्त कर लिया। निसार ने सरपंच रोशन लाल से मदद की गुहार लगाई।
सरपंच ने कहा कि संबंधित तहसीलदार इस काम के लिए पचास हजार रुपये मांग रहा है। इसके बाद बात 10 हजार पर खत्म हुई। निसार ने कहा कि वह मंगलवार को पटवारी तौफीक के जरिए तहसीलदार को पांच हजार रुपये देने पहुंचा, जबकि पांच हजार बाद में देने थे। इसके पहले निसार ने इसकी शिकायत विजिलेंस के पास कर दी थी। विजिलेंस की ओर से डीएसपी करतार सिंह के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। इसमें पटवारी तौफीक और तहसीलदार के कार्यालय में तैनात अन्य पटवारी मुज्जफर अहमद को रंगे हाथ पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा। विजिलेंस ने जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है।