जम्मू। ‘दम है तो मुज्जफराबाद में झंडे लहराओ, मेरा पुतला क्या जलते हो’ एक बार फिर नेकां प्रमुख डां. फारूक अब्दुल्ला ने अपने तीखे अंदाज में बयान देकर रियासत की सियासत को गरमा दिया है। एक निजी स्कूल के कार्यक्रम में जम्मू पहुंचे अब्दुल्ला ने सभी धर्मों का सम्मान करने के बयान के साथ-साथ अपने पाकिस्तान पर दिए हुए पूर्व बयान पर फिर अडिग रहे।
इस दौरान उन्होंने पूर्व में मौजूदा प्रधानमंत्री और तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक वाकये का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी जी से उन्होंने उस दौरान कहा था कि देश को वह तब आजाद मानेंगे जब एक हिंदू की आंख में कुरान और मुसलमान की आंख में राम होगा। उन्होंने कहा कि राम भगवान सभी के हैं। उन्हें विदेशों में भी पूजा जाता है, लेकिन उसके बावजूद हिंदू क्यों उन्हें सीने से लगाए टहलते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि ‘कुरान किसी मुसलमान के बाप का नहीं है’। सभी धर्मों का एक समान आदर किया जाना चाहिए। माता की चुनरी पहने कार्यक्रम में पहुंचे डा. फारूक अब्दुल्ला नेे धर्म संबंधित अपने बयानों से पूरे हाल में बैठे लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि वह मां वैष्णो देवी की चुनरी पहनकर कार्यक्रम में शरीक हुए हैं। उन्हें गर्व है कि वह हिंदुस्तानी है। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने कहा कि धर्म नहीं सिखाता आपस में बैर रखना। उन्होंने कहा कि जम्मू की पहचान श्री माता वैष्णो देवी से है। उनका सम्मान सभी धर्मों में बराबर रूप से होता है। उन्होंने कहा कि मेरा खुदा मेरे अंदर है। वह न हिंदू और न मुसलमान है। वह पहले इंसान है।
शहीद की विधाओं की स्थिति पर जताया दुख
उन्होंने कहा कि शहीद विधवाओं की मौजूदा स्थिति से वह दुखी है। उन्होंने कहा कि जब कोई शहीद होता है। तो उसकी विधवा को सरकार की ओर से पैसा दिया जाता है। उस पैसे को लेकर विधवा औरत कहीं न चली जाए, इसके लिए परिवार वाले अक्सर उसकी शादी घर में ही किसी सदस्य से करा देते हैं। एक बार पैसे हाथ लग जाने के बाद महिला की क्या स्थिति होती है। वह भगवान भरोसे ही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऐसे लोगों की मदद के लिए आगे आएं।
पटवारी और लेखपाल पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि जब कोई जवान अपना घर छोड़ कर सरहद पर जंग लड़ने जाता है। अक्सर उसके पीछे सरकारी मुलाजिम उसकी जमीन को हड़प कर किसी और के नाम कर देते हैं। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों को ऐसे मामलों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने ऐसे मामलों की जानकारी पर दुख जताया।
जम्मू एयरपोर्ट पर कसा तंज
अक्सर जब प्लेन जम्मू एयरपोर्ट रनवे पर उतरता है तो मुझे लगता है कि कही वह खत्म न हो जाए। उन्होंने कहा कि जम्मू एयरपोर्ट की सुविधाओं में इजाफा किया जाए। उन्होंने कहा कि देश भर से लोग जम्मू कश्मीर आते है, लेकिन एयरपोर्ट में सुविधाओं की कमी और रनवे के छोटा होने से पर्यटन पर प्रभाव पड़ता है।