नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन आफ इंडिया का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के चार माह बाद पहली बार फिरोज खान रियासत पहुंचे। यहां जम्मू में प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुंदन के नेतृत्व में संगठन कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से लेकर शहीदी चौक स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय तक जुलूस निकाला गया। ढोल-नगाड़ों के बीच जगह-जगह संगठन कार्यकर्ताओं ने मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया।
पार्टी कार्यालय के बाहर फिरोज खान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उनके निशाने पर केंद्र और रियासत की भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार दोनों रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक साल में दो करोड़ को रोजगार, अच्छे दिन, विकास, 56 इंच का सीना, काला धन जैसे जुमलों को लेकर कटाक्ष किए। युवाओं से सोशल मीडिया का प्रयोग सावधानी से करने और भक्त न बनने का आह्वान किया। कहा कि जम्मू-कश्मीर का युवा कांग्रेस और राहुल गांधी के साथ है। हालिया छात्र संघ चुनावों में भी एनएसयूआई के शानदार प्रदर्शन के पीछे उन्होंने युवा शक्ति का हाथ बताया।
कांग्रेस के आरटीआई, मनरेगा जैसी योजनाएं देने का जिक्र करते हुए भाजपा को केवल तुगलकी फरमान जारी करने वाली पार्टी करार दिया। कश्मीर के युवाओं को तरजीह न दिए जाने की बात को नकारा। कहा कि परवेज रसूल, शाह फैजल इस बात की तसदीक करते हैं कि प्रतिभा हो तो जगह कोई मायने नहीं रखती। ‘तूफानों से आंख मिलाओ, सैलाबों पे वार करो, मल्लाहों काचक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो...’ शेर कहते हुए युवाओं से हाथ के साथ आने का आह्वान किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर, पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रमन भल्ला, शाम लाल, शाहनवाज चौधरी, इफ्तिखार, परमजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
जम्मू विवि में डायरेक्ट इलेक्शन होते तो नतीजा खुद बोलता
दिल्ली विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, राजस्थान विश्वविद्यालय, काशी विद्यापीठ छात्र संघ के चुनावों में एनएसयूआई की जीत का जिक्र करते हुए फिरोज ने कहा कि जम्मू विश्वविद्यालय में इलेक्शन पेंडिंग हैं। अगर डायरेक्ट इलेक्शन होते तो नतीजा खुद संगठन की जीत की कहानी कहता।
एसआरओ 202 के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी एनएसयूआई
एसआरओ 202 को रियासत के युवाओं के प्रति अन्याय बताते हुए फिरोज ने कहा कि एनएसयूआई इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेगी। इस एसआरओ में नई भर्ती वाले युवाओं को 7000-8000 पे स्केल पर काम करने और पांच साल संतोषजनक काम के बाद अन्य सुविधाएं देने का नियम बनाया गया है।
यहां विकास ढूंढने आया था, गुजरात में खोलेंगे पोल
फिरोज ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में विकास ढूंढने आए थे, नहीं मिला। यहां से गुजरात जाएंगे तो वहां भी बताएंगे कि कहां-कितना विकास हुआ है। रामबन स्थित अपने गांव का जिक्र करते हुए उसे बिजली, पानी से महरूम बताया। कहा 2019 में बताया जाएगा कि अच्छे दिन कैसे आते हैं।