मेंढर में दो युवकों को अगवा कर बनाया बंदी
चौबीस घंटों तक की गई मार पीट एक गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो
पुंछ। देर रातब मेंढर में सनसनी खेज मामले में दो युवकों को अगवा किया गया। दोनों युवकों को बंदी बनाकर पीटा और पशुशाला गंभीर हालत में छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
गुरसाई थाने की पुलिस ने गांव हरनी के एक घर की पशुशाला से घायल दो युवकों को अधमरी हालत में बरामद किया। युवकों में से एक की हालत नाजुक देखते हुए उसे जीएमसी रेफर किया गया है। जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद जहां पुलिस ने पहले युवकों को बंदी बनाने वालों की तरफ से आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। वहीं, युवकों की हालत नाजुक देखते हुए उनके परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने हरनी के मोहम्मद आजीम उर्फ सोनू सहित पांच लोगों के खिलाफ थाने में एफ आईआर नंबर 88/2017 दर्ज कर आरपीसी की धारा 307,341,365,53,323 में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल कोई भी आरोपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किया गया था। वहीं पीड़ितों के परिजनों के अनुसार दो दिन पूर्व मेंढर के गोल्द निवासी नाबालिग लड़के ने अपने दोस्त उमेश चड्डा पुत्र राम प्रकाश के साथ जीम में कसरत करने जाते थे। अगले दिन होने वाले क्रिकेट मैच के लिए मेंढर कस्बे के बाहर अपने कुछ साथियों के पास क्रिकेट किट लेने के लिए अपनी बाइक पर निकला। जैसे ही वह कस्बे से बाहर पहुंचा तो कुछ लोगाें ने उसकी बाइक रोक कर दोनों को जबरदस्ती उसे उतार कर कुछ दूरी पर खड़ी गाड़ी में डाल दिया। उन्हें गांव हरनी की तरफ ले आए। जबकि एक व्यक्ति उनकी बाइक चला कर हरनी तक लाया। जिसे गांव के बाजार में खड़ा करके दोनों युवकों को उठाकर मोहम्मद अजीम की पशुशाला में ले जाकर बांध दिया और उनकी बुरी तरह पिटाई करते हुए उनके शरीर पर धारदार हथियारों से कई स्थानों पर गोदा। देर रात तक इस प्रकार दोनों युवकों की पिटाई करने और नाजुक स्थानों पर बिजली का करंट लगाते रहे। इस दौरान जब शुभम के घर से फोन आया तो उसे जान से मारने की धमकी दी। परिवार को यह कहने को जोर दिया कि वह राजोरी आ गया है। जब अगली सुबह भी बच्चे घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनके फोन को ट्रैक पर लगवाने के साथ उनकी तलाश शुरू की। उनकी बाइक हरनी बाजार में होने की जानकारी मिली। इस बीच जब फोन लोकेशन का पता चला तो पुलिस में मामले की शिकायत दर्ज करवाई गई। करीब 23 घंटे बाद जब पुलिस दोनों युवकों को बंदी बनाए गए स्थान पर पहुंची तो आरोपियों ने पुलिस पर दबाव बना कर उनके खिलाफ ही आरोपी की पत्नी से बलात्कार करने की शिकायत दर्ज करवा दी। जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर अगुवा करने वालों के चंगुल से छुड़ा कर मेंढर अस्पताल पहुंचाया। परिजनों की शिकायत पर अजीम सहित पांच लोगों के खिलाफ शुभम बाली और उमेश चडडा को अगुवा कर जान से मारने का प्रयास करने का मामला दर्ज किया गया।