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बांध बनाकर लोगों को राहत प्रदान की

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अमर उजाला ब्यूरो
ज्यौड़ियां।
खौड उपजिले के गांव मट्टू के सेना निवृत्त टेक्नीकल असिस्टेंट एआरटी किसान रतन लाल चौधरी ने एक नाले किनारे अकेले ही बांध निर्माण कार्य का आरंभ कराया। बारिश और पानी का बहाव अधिक हो जाने के कारण किसानों की जमीनें बह रही थीं। इसके बाद बाद कई किसान जमीन जोतने के काबिल भी नहीं थे।
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रतन लाल ने अपने गांव में कुछ ऐसा कर दिखाया है, जो हर किसी के लिए करना आसान नहीं है। किसान रतन लाल चौधरी ने बताया कि उनके गांव मट्टू के किसानों की सैकड़ों कनाल भूमि के साथ बहते एक नाले में बरसात के मौसम बाढ़ आ जाती थी। किसानो कि फसल के साथ .साथ नाले के साथ लगती उपजाऊ भूमि भी बह जाती थी । जिस को लेकर गांव के किसान काफी परेशान थे। उसी नाले के साथ किसान रतन लाल चौधरी की भी उपजाऊ भूमि लगती है वह भी उतने ही परेशान थे जितने गांव के अन्य किसान । किसान रतन लाल चौधरी ने बताया कि वह नाले के किनारे बांध बनाने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों से भी मिले और उन्हेें अपनी सारी परेशानियां बताई । लेकिन विभाग के अधिकारियों ने परेशानी का हल करने के लिए कोई पहल नहीं की। किसान ने बताया सब किसान मिल कर बांध बना लेते है। लेकिन गांव के किसी भी किसान ने बांध बनाने के लिए सहयोग नहीं किया। जिस के बाद रतन लाल ने अकेले ही बांध बनाने की ठान ली। किसान रतन लाल चौधरी ने बताया कि उन्होंने लगभग 60 हजार रुपये खर्च कर बांध बना दिया । जिस के बनने से नाले में बरसात के मौसम में बाढ़ से भूमि भी बच गई और दूसरा नाले के किनारे एक ट्रैक्टर के आने जाने के लिए सड़क बन गई । किसान अपने मोटर साइकिल, आटो, कारें लेकर भी खेतों में पहुंच रहे हैं । बांध के बनने से वहां नाले का एक तालाब बन गया है । जहां पर शाम के समय सैकड़ों पक्षी पानी पीने आते हैं। किसान रतन लाल चौधरी द्वारा किए इस काम से क्षेत्र के किसान भी काफी खुश हैं। किसान यशपाल, बहादुर सिंह, गिरधारी लाल, सहित कई किसानों ने बताया कि बांध के बनने से गांव मट्टू के किसानों की सैकड़ों कनाल भूमि हर साल बहने से बची है । दूसरा सड़क बन जाने से हमारा खेतों में आना जाना आसान हो गया है ।
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