कठुआ। मिड डे मील योजना के तहत सरकारी स्कूलों में अब राशन नहीं मिलेगा। पिछले 15 दिनों से जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में राशन न होने के कारण मिड डे मील बनना बंद हो गया है। ऐसा तब है जब शिक्षा विभाग की भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) पर लाखों की बकायादारी है। ऐेसे में जिले के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का सीजन होने के चलते दिक्कतें और भी बढ़ने वाली हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार वर्तमान में जिले के 1277 स्कूलों में राशन नहीं है। इनमें प्राइमरी और मिडिल स्कूल शामिल हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो पिछली बार अक्तूबर में डिपो से राशन मिला था। इसके बाद से राशन नहीं मिला है। चूंकि इस महीने राशन मिलना था, लेकिन एफसीआई द्वारा राशन कोटा न भेजे जाने के कारण चावल नहीं मिले।
सूत्रों के अनुसार कठुआ जिले को तीन लाख रुपये एफसीआई को देना है। एफसीआई ने तो अक्तूबर में ही राशन देना बंद कर दिया, लेकिन कुछ पैसों का भुगतान करने के बाद चावल का कोटा दो महीनों के लिए जारी किया गया था। नवंबर महीने के अंत में जब बकाया राशि नहीं मिली तो एफसीआई ने राशन देने से मना कर दिया।
पहाड़ी इलाकों में क्या होगा प्रभाव
मिड डे मील योजना के तहत मिडिल स्तर के स्कूलों में सभी विद्यार्थियों को भोजन देने की योजना है, लेकिन फिलहाल इस पर ब्रेक लग गया है। एफसीआई द्वारा राशन रोके जाने का पहाड़ी इलाकों में अधिक प्रभाव होगा। पहाड़ी इलाकों में इस समय विंटर वैकेशन है तो राशन की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अगले वित्त वर्ष के शुरू होने से पूर्व स्कूलों में राशन कोटा वैसे भी नहीं मिलेगा। यानी मार्च में जब स्कूल खुलेंगे तो स्कूलों में मिड डे मील के राशन ही नहीं होगा और अगर एफसीआई को पैसा नहीं मिला तो राशन आगे भी जारी नहीं होगा। ऐसे में बर्फबारी के सीजन में तो पहले ही राशन पहाड़ी इलाकों में नहीं पहुंचेगा और जब तक बर्फ से राहत मिलेगी मिड डे मील के बिना ही बच्चों को गुजारा करना होगा।
तीन लाख की बकाया राशि एफसीआई को देनी है। पिछले 15 दिनों से राशन नहीं आया है। ऐसे में स्कूलों में मिड डे मील नहीं बन रहा है। पैसों की बकायादारी के बारे में उच्च अधिकारियों को समय-समय पर बताया जाता रहा है। वैसे भी समस्या पूरे जम्मू संभाग में चल रही है।
-बलवीर सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी कठुआ