जम्मू। कश्मीर में पहली बार पत्थरबाजी में शामिल युवाओं पर दर्ज मामलों को वापस लेने की कवायद शुरू हो गई है। केंद्र सरकार की हरी झंडी के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पहल करते हुए 2015 से 2017 के दौरान पहली बार पत्थरबाजी में शामिल युवाओं पर दर्ज मामलों की समीक्षा का आदेश जारी कर दिया है। केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर के राज्य के दूसरे दौरे के एक दिन पहले मुकदमों की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने को विश्वास बहाली की तरफ बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने पहले ही गठित समिति द्वारा ऐसे मामलों की समीक्षा का आदेश देते हुए 10 दिन में सिफारिशें प्रस्तुत करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने फैसले को युवाओं और उनके परिवारों के लिए आशा की सुनहरी किरण बताया है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि इस फैसले से राज्य में सकारात्मक और सौहार्द्रपूर्ण माहौल बनेगा। इस संबंध में जारी सरकारी आदेश में कहा गया है कि 2008-2014 की अवधि के लिए युवाओं के खिलाफ मामलों की समीक्षा कर रही समिति ही 2015 से 2017 की अवधि के दौरान युवाओं पर दर्ज मामलों की समीक्षा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पहली बार पत्थरबाजी करने वाले युवाओं पर मामले वापस लेने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने से उन्हें संतोष मिल रहा है। सरकार ने यह प्रक्रिया पिछले साल मई महीने में शुरू की थी, लेकिन कश्मीर में बिगड़े माहौल की वजह से यह रुक गई थी।