जम्मू। सरकारी अध्यापकों को अब बीएड करने के बाद ही पदोन्नति मिलेगी। सूबे में लगभग 20 हजार से ज्यादा अध्यापकों ने बीएड नहीं किया है। लंबे समय से स्कूलों में लगे अध्यापक पदोन्नति की राह भी देख रहे थे। अब नए आदेश से अध्यापकों को बीएड करना अनिवार्य हो गया है। इस इससे अध्यापक काफी तनाव में हैं। बीएड करने के लिए सितंबर माह में आवेदन किया जाना था।
सैकड़ों अध्यापक बीएड करने के लिए आवेदन करने से चूक गए हैं। अब ये जनवरी में आवेदन इग्नू में करेंगे। बीएड न होने की सूरत में निजी और सरकारी क्षेत्रों में अध्यापकों को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है। स्कूलों में बीएड कर चुके अध्यापकों को समय पर पदोन्नति मिल रही है। पहले बीएड किए बिना ही अध्यापकों को पदोन्नति मिल जाती थी। सरकारी क्षेत्र में हाई या फिर हायर सेकेंडरी स्कूलों में अध्यापक बिना बीएड किए ही नौकरी हासिल कर लेते थे। वर्ष 2019 तक बीएड करना जरूरी किया गया है।
अध्यापकों को बीएड करने के बाद ही तमाम लाभ मिलेंगे। पदोन्नति के लिए भी बीएड करना जरूरी है। अध्यापकों से बीएड को आवेदन करवा दिया गया है।
जेके सूदन, मुख्य शिक्षा अधिकारी