इनमें मोबाइल कंपनियों के एजेंट्स तथा दो प्रिंटिंग प्रेस मालिक शामिल हैं। प्रिंटिंग प्रेस मालिक सिम कार्ड के लिए सेना के फर्जी रबर स्टैंप व दस्तावेज तैयार करते थे।
छापेमारी के दौरान काफी संख्या में सेना के रबर स्टैंप, दस्तावेज तथा कई सिम कार्डों के साथ छह बैग बरामद किए गए।
पूछताछ में यह सामने आया कि यह लोग ओवर ग्राउंड वर्कर हैं, जो आतंकियों को सिम मुहैया कराते थे। यह सिम किन-किन आतंकियों को दी गई और इसमें और कितने लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों को सिम मुहैया कराने के लिए उनसे काफी मोटी कमाई की गई है। पकड़े गए लोगों में सज्जाद अहमद बाबा, गौहर अहमद गिलानी, आबिद बिलाल कादरी, मुश्ताक शाह उर्फ मस्तान, अजमतुल्लाह भट तथा कंवलजोत सिंह शामिल हैं।