उधमपुर। जिब जोन में पड़ने वाले मिडिल स्कूल जखैनी की चारदीवारी न होने के कारण छात्रों को काफी परेशानी होती है। पढ़ाई के दौरान कई बार स्कूल में आवारा मवेशी घूस जाते हैं। इसके अलावा स्कूल में अन्य समस्याएं भी व्याप्त हैं।
स्थानीय लोग राजेंद्र कुमार, विनय, अशोक, विरेंद्र कलसोत्रा, कौशल्या ने बताया कि स्कूल में चारदीवारी का होना बहुत जरूरी है। वर्तमान में स्कूल नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। चारदीवारी न होने के चलते लोग गंदगी भी फैला देते हैं। लोगों ने बताया कि नशा करने वाले स्कूल के बंद होते ही वहां एकत्र हो जाते हैं। कई बार तो वहां तोड़फोड़ तक कर चुके हैं। पढ़ाई के दौरान परिसर में जानवरों के घूस जाने के कारण और गंदगी फैलाने के कारण छात्र परेशान होते हैं। सर्दियों के दिनों में बच्चे बाहर ग्राउंड में खेलते हैं तो जानवर आ जाने से उन्हें घायल होने की आशंका सताती रहती है। शिक्षा विभाग को चाहिए कि वह स्कूूल की चारदीवारी कर स्कूल में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। शहर के साथ लगने वाले सरकारी स्कूलों की हालत ऐसी है तो बाकी अन्य दूरदराज गांव के कैसी होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। लोगों का कहना है कि पढ़ाई के दौरान छात्रों का ध्यान आवारा जानवरों की तरफ रहता है। इसके अलावा शहर में हो रही चोरियों की वारदातों की सुरक्षा के लिहाज से स्कूल की चारदीवारी करना बहुत जरूरी है। अभिभावक अंजना, संजना, कुंदन, शशि, आफताब, अनु, तानिया ने बताया कि स्कूल के शौचालय में पानी न होने के कारण बच्चों को परेशानी होती है। इसलिए उन्हें मजबूरन बाहर खेतों में खुले में ही शौच के लिए जाना पड़ता है। इस संबंध में स्कूल के हेडमास्टर जतून बीबी ने बताया कि स्कूल में चारदीवारी के लिए शिक्षा विभाग को लिखा गया है। स्कूल में चारदीवारी न होने के कारण समस्या तो पेश आती है। स्कूल बंद हो जाने के बाद यहां पर लोग गंदगी फैलाते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में 88 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। चारों स्कूल खुला होने के कारण काफी परेशानी होती है।