जम्मू। गोल गुजराल में अतिक्रमण हटाने गई जेडीए और पुलिस टीम को गुज्जरों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। पुलिस इतनी बेबस नजर आई कि मौके से भागना पड़ा। गुज्जरों ने पुलिस पर जमकर पत्थर बरसाए। इसमें दोमाना के एसएचओ सहित तीन पुलिस अधिकारी, हेड कांस्टेबल, जेसीबी चालक और मीडियाकर्मी घायल हो गए।
सोमवार सुबह जेसीबी लेकर पहुंची जेडीए की टीम ने एक कुल्ले को हटाया। जिसे गुज्जरों ने धार्मिक स्थल बताया। इसके बाद गुज्जर भड़क गए और लाठियों और पत्थरों से पुलिस पर हमला बोल दिया। इसमें दोमाना के एसएचओ रतन सिंह, स्पेशल ड्यूटी के लिए आए जेकेएपी की 14 बटालियन के सब इंस्पेक्टर नजीर अहमद और एसआई गारूराम, हेड कांस्टेबल अब्दुल रशीद और जेसीबी चालक सुदेश कुमार घायल हो गए। इस घटना की कवरेज कर रहे एक निजी समाचार पत्र के कैमरामैन को भी गुज्जरों ने पीट दिया। वहीं इसकी जांच को कमेटी का गठन किया है। दोमाना के एसएचओ को हटा दिया गया है।
सड़कों पर दिखा खौफनाक मंजर: सैकड़ों गुज्जर हाथों में लाठियां लिए सड़कों पर दौड़ते नजर आए। जो सड़कों पर गुजरने वाले लोगों को भी नहीं बख्श रहे थे। सरेआम गालियां देते हुए हर किसी को लाठियों का रौब दिखाकर वापस मुड़ने के लिए बोलते नजर आए। कई घंटे तक गोल गुजराल के रास्ते पर टायर जलाकर और पत्थरों से रास्ता बंद कर दिया गया।
इसे लेकर करीब तीन घंटे क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण रहा। इस पर काबू पाने के लिए करीब दो सो पुलिस कर्मी पहुंचे। गुज्जरों में मस्जिद में एलान कर कहा कि क्षेत्र में ही रहें और कहीं न जाएं। अधिकारियों के सामने गुज्जरों ने आरोप लगाया कि जिस कुल्ले को हटाया, उसमें धार्मिक पुस्तक रखी हुई थी। यह उनका धार्मिक स्थल है और यहां पर मदरसा चलता है। इसके साथ सही से पेश नहीं आया गया। गुज्जरों ने एसएचओ को सस्पेंड करने की मांग की। कहा कि इस जमीन पर वह वर्ष 1984 से रह रहे हैं। सरकार चाहे तो उनसे पैसे ले ले, लेकिन जमीन को वापस नहीं किया जाएगा।
जेसीबी को आग लगाने की कोशिश: कब्जा हटाने गई जेसीबी पर गुज्जरों ने पथराव किया तो चालक किसी तरह से जान बचाकर वहां से भागा। पुलिस भी मौके से भाग गई। इसके बाद गुज्जरों ने जेसीबी पर कब्जा कर लिया और उसे जलाने के लिए लेने गए। तभी एडीसी जम्मू अरुण मन्हास पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस बल की दो अतिरिक्त गाड़ियां भी इतनी देर में पहुंच गई। तब जाकर स्थिति पर काबू पाया गया।
नासूर बन गया अतिक्रमण: शहर में जेडीए की हजारों कनाल भूमि पर गुज्जरों का कब्जा है। इसे हटाने के लिए जेडीए का कई बार अभियान चलाया गया। हर बार जेडीए और पुलिस की कार्रवाई विरोध के आगे बेबस हो जाती है। जेडीए और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ता है। स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम कुछ कर्मियों को लेकर कब्जा हटाने के लिए जाती है।
एसएचओ को हटाया, जांच के आदेश: इस घटना को लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही दोमाना एसएचओ रतन सिंह को दोमाना से हटाकर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। सुमित शर्मा को दोमाना का एसएचओ लगाया गया है। वहीं डीएसपी और जिला प्रशासन के अधिकारियों वाली पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जो धार्मिक पुस्तक से दुर्व्यवहार मामले की जांच करेगी।