पुंछ। जिले में मौसम खराब होने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात होने के साथ ही सीमा पार से घुसपैठ का प्रयास शुरू हो गया है। पाकिस्तानी सेना की मदद से प्रशिक्षित आतंकियों की बड़ी खेप को गोलीबारी की आड़ में घुसपैठ करवाने का प्रयास किया जा रहा है। परंतु नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय सेना की मुस्तैदी के साथ पाकिस्तान अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जहां बुधवार की सुबह तड़के पाक सेना द्वारा शाहपुर के काईयां सेक्टर में आतंकियों को घुसपैठ कराने के उद्देश्य से गोलाबारी शुरू की गई। इस पर भारतीय सेना ने एक साथ तीन स्थानों से जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। इससे घुसपैठ कराने के प्रयास भूल कर पाक सेना के जवानों को अपनी जान बचानी पड़ी। वहीं वीरवार देर रात को क्षेत्र में हो रही हल्की बारिश के बीच दो बजे से तीन बजे के बीच पाक सेना ने जिले के दिगवार सेक्टर के पोलस और करमाड़ा सेक्टर में आतंकियों को घुसपैठ कराने के प्रयास में भारतीय सेना की चौकियों पर यूनिवर्सल मशीन गनों से गोलीबारी शुरू की। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई से बौखला कर मोर्टार दागने शुरू कर दिए। तब भारतीय सेना ने भी उन पर मोर्टारों की बारिश शुरू कर दी।
सूत्रों की मानें तो इन दिनों पाक सेना बुरी तरह बौखलाई हुई है। क्योंकि अगले कुछ दिनों में बर्फबारी के कारण आतंकियों की घुसपैठ के सभी रास्ते बंद हो जाएंगे। जिस प्रकार कश्मीर घटी में सुरक्षाबलों ने आतंकियों का सफाया शुरू किया है ऐसे में सर्दी के मौसम में पाक सेना और आईएसआई की नापाक हरकतों को अंजाम देने वाले बहुत कम आतंकी बचने की संभावना है। पाक सेना का मिशन कश्मीर दम तोड़ सकता है। इतना ही नहीं आतंकियों को इस तरफ घुसपैठ कराने का पाक सेना पर पीछे से भारी दबाव भी पड़ रहा है। जिसका परिणाम गत दिनों पुंछ जिले और कश्मीर उड़ी क्षेत्र के मध्य में स्थित हाजीपीर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर पाक सेनाध्यक्ष और पाक प्रधानमंत्री का एक साथ दौरा करना बताया जा रहा है।