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तीन साल से नहीं मिला वेतन

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उधमपुर। पीएचई विभाग में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को सरकार ने करीब साढ़े तीन वर्ष से वेतन जारी नहीं किया है। सर से लेकर पांव तक कर्मचारी कर्ज के बोझ तले दब चुके हैं और वर्तमान समय में तो सभी परिवार सहित भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। अगर सरकार ने वेतन नहीं जारी किया तो आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो जाएंगे। यह बातें शनिवार को पीएई इंप्लाइज एसोसिएशन के जम्मू संभाग के वरिष्ठ उप प्रधान सोमनाथ ने उधमपुर में आयोजित बैठक के दौरान कही।
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सोमनाथ ने बताया कि सरकार के पास विधायक, एमएलसी और मंत्रियों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने के लिए तो राशि मौजूद है, लेकिन गरीब कर्मचारियों को वेतन जारी करने के लिए राशि नहीं है। पूरे राज्य में विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत करीब एक लाख के करीब कर्मचारी बिना वेतन के काम करने को मजबूर हैं। सरकार की कार्यप्रणाली की जितनी निंदा की जाए कम है। सरकार की तरफ से पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी बनाने के लिए भी प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जबकि कई अस्थायी कर्मचारी करीब 20 वर्ष से स्थायी बनाए जाने की उम्मीद में काम कर रहे हैं। सरकार मिनिमम वेज एक्ट के तहत अस्थायी कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रही हे। किसी को महीने में 500 तो किसी को 1000, 2000 रुपये दिए जा रहे हैं। स्टाफ की कमी के कारण तो काम कर रहे कर्मचारियों पर दुगना बोझ डाला गया है। सरकार की तरफ से सातवें वेतन आयोग को लेकर भी कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि सभी एकजुट होकर आंदोलन की तैयारी करना शुरू कर दें। इस मौके पर महासचिव विजय शर्मा, सूरज प्रकार, कृष्ण चंद, चुन्नी लाल, दिनेश केसर व अन्य मौजूद थे।
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