रियासी। प्रिंसिपल सेशन जज एसआर गांधी ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोप में दो लोगों को पच्चीस-पच्चीस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा इस अपराध में साथ देने वाली महिला को तीन साल की कैद हुई है। जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति ने मई 2015 में केस दर्ज करवाया था। इसमें कहा गया था कि उसकी बेटी को गांव में रहने वाली एक महिला जंगल में लकड़ियां लाने के लिए साथ ले गई। आरोप लगाया कि उस महिला ने फोन कर सुनील कुमार उर्फ बलवंत तथा सतपाल उर्फ मथ्था को वहां बुला लिया। इसके बाद दोनों ने नाबालिग से दुष्कर्म किया। इस दौरान दोनों ने पीड़िता को घटना की जानकारी परिजनों को देने पर जान से मारने की धमकी दी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी महिला को जमानत मिल गई थी। सरकारी वकील राशि बडू ने इस केस की पैरवी की। इसके बाद कोर्ट ने दोनों युवकों को पच्चीस-पच्चीस वर्ष की कैद तथा दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने की सूरत में एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। महिला को तीन वर्ष की सजा तथा पांच हजार का अर्थदंड लगाया है। इसके बाद तीनों को जेल भेज दिया गया। इस मामले की पूरी सुनवाई के बाद गांधी ने पाया कि जिस नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना होती है। वह शारीरिक रूप से कष्ट तो झेलती है, लेकिन मानसिक तौर पर उसे ज्यादा प्रताड़ना मिलती है। ऐसे मामले के दोषियों को खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की बात उन्होंने कही। इसी के तहत उन्होंने तीनों आरोपियों को 25-25 साल की कैद की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया। जेएनएफ