अमर उजाला ब्यूरो
उधमपुर। निर्माण कार्य के दौरान घर से निकलने वाले मलबे को देविका नदी में डाले जाने का उधमपुर डेवलपमेंट काउंसिल सहित शहर के शहर कई लोगों ने विरोध किया है। साथ ही प्रशासन से मांग की है कि मलबा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सुबह करीब नौ बजे लोगों ने देविका नदी में पुल के नीचे हजारों टन मलबा पड़ा देखा। इससे पहले शुक्रवार रात को ही कोई नदी में मलबा डाल कर चला गया था। शनिवार को पता चलने पर लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया। उधमपुर डेवलपमेंट काउंसिल के अध्यक्ष अनिल पाबा, जगमोहन सिंह, हंस राज व अन्य शहरवासियों ने कहा कि गंगेड़ा से लेकर ओमाड़ा मोड़ तक आए दिन देविका नदी में मलबा डाला जा रहा है और यह सब प्रशासन व नगर परिषद के नाक के नीचे हो रहा है। कुछ महीने पहले एमएच चौक के नजदीक कुछ शरारती तत्वों ने खुदाई के दौरान निकली हजारों टन मिट्टी को देविका नदी में डाल दिया था। इसकी शिकायत नगर परिषद और प्रशासन से भी की गई, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब प्रशासन और नगर परिषद के सामने देविका नदी की समस्या को रखते हैं, तो देविका नदी के विकास के लिए बड़ी-बड़ी योजनाएं तैयार करने की बातें की जाती है, जबकि हकीकत यह है कि प्रशासन देविका में लोगों को मलबा और गंदगी डालने से भी नहीं रोक पाया है। बिना किसी खौफ के देविका नदी में मलबा डालने से साफ पता चलता है कि यह सब प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मिली भगत से ही किया जा रहा है। अगर प्रशासन ने मलबा फेंकने वालों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में लोग प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।