फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे।

विज्ञापन
विज्ञापन
बिलावर।
विज्ञापन

आखिर कई महीनों के इंतजार के बाद बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। देर से ही सही लेकिन रबी की फसल के लिए यह बारिश आसमान से अमृतवर्षा के समान है। सोमवार को तड़के से शुरू हुई धीमी और लगातार बारिश से किसानों के सूखे खेतों की प्यास बुझी है। मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी होने से ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव जलाना शुरू कर दिया है। सोमवार को बुजुर्ग अंगीठियों के पास खुद को गर्म करने का प्रयास करते नजर आए।
पिछले कई महीनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की खुशी का उस समय कोई ठिकाना न रहा जब सोमवार की सुबह अचानक आसमान में छाई काली घटाओं ने बरसना शुरू कर दिया। तड़के शुरू हुई बारिश का सिलसिला दिनभर लगातार जारी रहा। ऊंचे पहाड़ों पर बर्फवारी की खबरें भी आ रही हैं। विशेषतौर पर चोचरू गला, देरी गला, सेरी गला आदि स्थानों पर एक से दो फुट तक बर्फबारी हुई है। लगातार बर्फबारी होने से कई पहाड़ी इलाके के कई गांवों का आपस में संपर्क टूट गया है। वहीं मैदानी इलाके में लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। किसान पुन्नूराम, परशुराम, करनैल सिंह, बिशन दास, दर्शन कुमार आदि ने बताया कि इलाके के किसान रबी फसल की बुआई का काम नवंबर के अंतिम सप्ताह तक खत्म कर देते थे, लेकिन इस बार समय पर बारिश नहीं होने से फसल की बुआई का काम दो हफ्ते पीछे हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

11 केवी ट्रांसमिशन लाइन में फाल्ट आने से उपजिला मुख्यालय सहित अन्य भागों में पांच घंटों तक बिजली सप्लाई ठप रही। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सोमवार की सुबह 11 बजे के करीब अचानक बिजली बंद हो गई। फिंतर स्थित पावर हाउस से बिजली सप्लाई करने की बहुत कोशिशें की गई, लेकिन बाद में पता चला कि बारिश की वजह से 11 केवी लाइन में कोई फाल्ट आ गया है। विभाग के कर्मचारियों ने शाम पौने चार बजे के करीब बिजली सप्लाई को बहाल किया। लगातार पांच घंटों तक बिजली बंद रहने से विशेषतौर पर बिजली पर निर्भर दुकानदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें