विभिन्न मागों के पूरा न होने पर सोमवार को आल जेएंडके सीपी एंड आईटीआई ट्रेंड वर्कर्स एसोसिएशन के बैनर तले दिहाड़ीदारों ने सरकार और विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि न तो उन्हें आनलाइन कर बायोमीट्रिक हाजिरी लगवाई जा रही है और न उनका 48 महीनों का बकाया वेतन जारी किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पीएचई विभाग में विभिन्न वर्गों के तहत दिहाड़ीदार काम कर रहे हैं। सरकार ने 2015 तक हर कर्मचारी दिहाड़ीदार को बायोमीट्रिक हाजिरी के तहत लाने का आदेश दिया था। लेकिन, अभी तक उन्हें आनलाइन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि कुल 560 दिहाड़ीदारों में से उन्हीं को बायोमीट्रिक हाजिरी के साथ जोड़ा गया है, जो राजनीतिक पहुंच रखते हैं। इसके साथ ही उन कर्मचारियों में एक बड़ा हिस्सा बिलावर सब डिवीजन का है। उन्होंने बताया कि हीरानगर, बसोहली, कठुआ के किसी भी दिहाड़ीदार को आनलाइन नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सरकार ने अभी तक 48 महीनों से वेतन बकाया वेतन भी नहीं दिया है। बस त्योहार आने के एक महीना पहले या एक महीने बाद ही एक दो महीने का वेतन मिलता है, उसके बाद टालमटोल की स्थिति पूरा साल बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि वह सरकार को भी अपील करते हैं अब तो घर का चूल्हा जलाना भी मुश्किल हो गया है। उनकी दिहाड़ी के हिसाब से 4500 रुपये हर महीने मिलना चाहिए। लेकिन, इन 48 महीनों में सरकार ने 2.25 लाख रुपये एक दिहाड़ीदार का बकाया अपने पास रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस वहम में न रहे कि मात्र एक दिन के प्रदर्शन के बाद वह चुप हो जाएंगे। यदि जल्द ही उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह उग्र रुख अपना लेंगे। जरूरत पड़ी तो फिर भूख हड़ताल करेंगे।