राजोरी। जिले के मंजाकोट शिक्षा जोन के सरकारी प्राइमरी स्कूल राजधानी का सीईओ राजोरी लाल हुसेन ने दौरा किया। यहां पाया गया कि स्कूल में 19 में से मात्र 12 विद्यार्थी ही हाजिर थे। एक शिक्षिका गैरहाजिर थी। स्कूल डायरी को भी मेंटेन नहीं किया गया था। मिड डे मील का रिकार्ड भी अधूरा था। बच्चे सवालों के जवाब भी नहीं दे पाए।
सरकारी मिडिल स्कूल राजधानी में 8 से मात्र एक शिक्षक हाजिर था। रिकार्ड खंगालने पर मालूम हुआ कि कुछ शिक्षकों को डेपोटेशन पर भेजा गया है। कुछ को किसी अन्य ड्यूटी के चलते जेडईओ कार्यालय भेजा गया है। दो शिक्षक सीईओ की मौजूदगी में करीब दस बजे स्कूल पहुंचे। बच्चों की पढ़ाई भी संतोषजनक नहीं मिली। दस से अधिक बच्चे गैर हाजिर थे। सरकारी प्राइमरी स्कूल बढ़ी बन्न छतराल में दो में से एक ही शिक्षक हाजिर था। मिड डे मील रिकार्ड, स्कूल टाइम टेबल, टीचर डायरी व अन्य रिकार्ड व्यवस्थित नहीं था। प्राइमरी स्कूल सलारी में भी गड़बड़ियां मिलीं।
सीईओ ने कार्रवाई करते हुए अगले आदेश तक उक्त सभी स्कूलों के शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी है। सरकारी मिडिल स्कूल राजधानी के दो शिक्षक शकील अहमद और शाहीन अख्तर को सस्पेंड कर दिया गया है। जेडईओ मंजाकोट से विस्तार से जांच रिपोर्ट मांगी है। दोनों शिक्षकों को चार्जशीट कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए गए हैं।