बनियाड़ी के पूर्व सरपंच पर हमला मामले के बाद बुधवार को हाईवे पर हुए हंगामे के दौरान थाना प्रभारी पर हमले के आरोप में हिरासत में लिए लोगों को रिहाई के लिए मढ़ीन में लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी ठोस सबूत के कुछ युवकों को हिरासत में लेकर उन पर मामला दर्ज किया है। वहीं, वीरवार दोपहर लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल इसी संबंध में जिला पुलिस प्रमुख से भी मिलने पहुंचा।
धरने का नेतृत्व कर रहे चौधरी शिवदेव सिंह ने कहा कि इस मसले पर पुलिस द्वारा जो कार्रवाई की जानी चाहिए, वह नहीं हो रही और मासूम लोगों को परेशान किया जा रहा है। पुलिस की मिलीभगत व देरी के कारण ही यह पूरी घटना हुई। अब पुलिस खुद को बचाते हुए आम लोगों पर अपनी धौंस जमाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकड़ने की मांग को लेकर बुधवार को हाईवे पर धरना देने वाले लोगों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां चलाईं और फिर उन्हीं में से कुछ युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कारवाई से साफ जाहिर होता है कि वह किसी दबाव के तहत काम कर रही है और एक समुदाय विशेष के लोगों को बचाने करने का प्रयास कर रही है।
धरने पर बैठे लोगों ने गैर सिंह निवासी हरियाचक्क व ताराचंद निवासी बनियाड़ी, दोनों युवकों की रिहाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि इन्हें रिहा नहीं किया गया, तो लोगों को मजबूरन फिर सड़क पर उतरना पडे़गा। उन्होंने यह भी मांग की कि पूर्व सरपंच पर हमले के आरोपी मक्खन दीन पर पुलिस पीएसए के तहत के कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में इस तरह के शरारती तत्व सिर न उठा पाएं।
इंसाफ की आवाज को दबाने की हुई कोशिश
धरने में शामिल युवा भजपा नेता कर्ण कुमार ने लोगों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि पुलिस निर्दोष लोगों पर लाठियां चलाने की बजाय, आरोपियों पर कार्रवाई करती तो बेहतर होता। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई तब की जब लोगों ने हाईवे पर धरना दिया अन्यथा पुलिस इस मसले को रफा दफा करने की फिराक में थी। जब लोगों ने हक की लड़ाई की तो पुलिस ने दो निर्दोष युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस की कार्रवाई इंसाफ की आवाज को दबाने का प्रयास है। ज्ञात रहे कि पुलिस ने बुधवार को हाईवे जाम करने वाले प्रदर्शनकारियों पर कई मामले दर्ज किए व थाना प्रभारी पर हमला करने का भी मामला दर्ज किया। इन मामलों के संदर्भ में पुलिस ने कुछ 9 युवकों को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद 7 को रिहा कर दिया, जबकि दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ थाना प्रभारी को हमला कर घायल करने पर प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई थी।