नौशेरा। पाकिस्तानी गोलाबारी के चलते एहतियातन बंद किए गए नौशेरा सेक्टर के पांच स्कूलों को करीब सात महीने बाद सोमवार को फिर से खोल दिया गया। इन स्कूलों में अब फिर से विद्यार्थी पढ़ने जा सकेंगे। इन सभी सरकारी स्कूलों में 282 विद्यार्थी पढ़ते हैं। फिलहाल, इन स्कूलों की कक्षाएं विस्थापितों के कैंपों में लग रही थीं।
सरकारी मिडिल स्कूल झंगड़, सरकारी प्राइमरी स्कूल झंगड़, मिडिल स्कूल सरया, प्राइमरी स्कूल बक्शी मोड़ और प्राइमरी स्कूल मैहित्र मोहल्ला को सुरक्षा के लिहाज से 13 मई 2017 को बंद कर दिया गया था। इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कक्षाओं को विस्थापितों के कैंपों में शिफ्ट कर दिया गया था।
अभिभावकों की लंबे समय से मांग थी कि स्कूलों को खोला जाए और वहीं पर कक्षाओं को लगाया जाए। उनका तर्क था विस्थापित कैंपों में बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है। इसके बाद एसडीएम अब्दुल संतार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बैठकी और इस मामले पर विस्तार से मंथन किया। साथ ही टीम के साथ बंद पड़े सभी पांचों स्कूलों में जाकर स्थिति को देखा। इसके बाद फैसला लिया गया कि अब इन स्कूलों को फिर से खोल दिया जाए।
एसडीएम ने बताया कि सरकारी मिडिल और प्राइमरी स्कूल झंगड़ की इमारत को पाकिस्तानी गोलाबारी में काफी नुकसान हुआ है। दोनों स्कूलों की दीवारें काफी हद तक टूट गई हैं। इसलिए इन दोनों स्कूलों को नजदीकी पंचायत घरों में शिफ्ट कर दिया गया है। बाकी तीनों प्राइमरी स्कूलों की कक्षाएं स्कूल में ही लेगेंगी।
अभिभावकों ने कहा कि लंबे समय से स्कूल बंद होने से बच्चों के भविष्य खराब हो रहा था। विस्थापित कैंपों में बच्चे ठीक से पढ़ भी नहीं पाते थे। वहां पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाता था। विस्थापित कैंपों में जगह की भी कमी रहती है। अब स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी। स्कूलों का मुआयना करने के लिए तहसीलदार नरेश कुमार, जोनल शिक्षा अधिकारी शमशेर चंद, जेडईपीओ चंद्रमोहन शर्मा, प्रिंसिपल सुरेश चौधरी, शिक्षक प्रदीप कुमार और जोगिंदर आदि मौजूद रहे।