हजारों रुपये फीस बढ़ाने पर भड़के विद्यार्थी
कहा, गरीब घरों के बच्चे नहीं कहां से लाएंगे 45 हजार से ज्यादा की रकम, राज्य स्तरीय आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
किश्तवाड़।
फीस वृद्धि से नाराज छात्रों ने बुधवार को जम्मू विश्वविद्यालय के किश्तवाड़ कैंपस में धरना-प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के बैनर तले छात्र-छात्राओं ने बढ़ाई गई फीस के विरोध में निदेशक किश्तवाड़ कैंपस, उपकुलपति व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि हजारों रुपये बढ़ाई गई फीस उनके माता-पिता नहीं जमा करवा सकते हैं। ऐसे में उनके पास आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचा है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने फीस कम नहीं की, तो उसे राज्य स्तर विद्यार्थियों के आंदोलन का सामना करना पड़ सकता है।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कुलदीप कुमार का कहना है कि हमने अपनी परेशानी को लेकर इन सभी अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर फीस बढ़ाए जाने वाले आदेश को रद्द करने की मांग की, लेकिन कोई भी हमारी तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि अब जबकि 5-6 दिन ही परीक्षा को रह गए हैं, ऐसे में हमको आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।हमें बताया गया है कि जब तक फीस जमा नहीं करेंग, विश्वविद्यालय छात्रों को रोल नंबर नहीं देगा। यह विश्वविद्यालय प्रशासन की सरासर मनमानी है। यदि 2-3 हजार रुपये ही फीस बढ़ाई गई होती, तो विद्यार्थी किसी तरह फीस जमा कर देते लेकिन अचानक 45 हजार से अधिक फीस कहां से लाएंगे। हमारे घर वाले भी उतने अमीर नहीं कि वह कहीं से इतनी ज्यादा राशि का इंतजाम कर सकें। धरना-प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी आई, लेकिन वह प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने जिला प्रशासन पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया। हमारी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। हमारे साथ नाइंसाफी हो रही है, अब इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विद्यार्थियों ने कहा कि वे बढ़ाई गई फीस नहीं देंगे। प्रदर्शन के दौरान कुलदीप ने यह भी कहा कि खुद कैंपस के निदेशक जम्मू में बैठे हुए हैं, ऐसे में हम बात करें तो किससे करें। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांग को नहीं माना जाता है, हम धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे। यह भी हो सकता है कि हम पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू कर दें। इसकी जिम्मेदारी कैंपस के निदेशक की होगी। प्रदर्शन में अनूप सिंह, आकाश कोतवाल, मिस्बाह, साकिब व सुनेहा वर्मा आदि शामिल हुए।