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मुठभेड़ से भागे दो आतंकी जिंदा दबोचे, तीसरा भी ढेर

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श्रीनगर। कुुलगाम जिले के काजीगुंड में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच सोमवार को हुई मुठभेड़ के दौरान बचकर भाग निकले दो आतंकियों को अनंतनाग के एक मैटरनिटी अस्पताल से मंगलवार को जिंदा पकड़ा लिया गया है। पकड़े गए आतंकी रशीद अहमद अलाई और मोहम्मद यूनुस वागेे जान बचाने के लिए यहां छिपे थे। मुठभेड़ में लश्कर का तीसरा आतंकी भी ढेर कर दिया गया। उसका शव बरामद कर लिया गया है। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे आतंकियों ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोनीगाम काजीगुंड में जम्मू से श्रीनगर आ रही सेना की कानवाई पर हमला किया था। इसमें सेना के तीन जवान घायल हुए थे, जिनमें से 10 सिखलाई के एक जवान ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। हमले के तुरंत बाद अन्य जवानों ने आतंकियों का पीछा कर उन्हें घेर लिया, जिसके बाद एक भीषण मुठभेड़ के दौरान दो पाकिस्तानी आतंकी फुरकान और अबू माविया को शाम को ही मार गिराया था। उनके एक अन्य स्थानीय साथी यावर बशीर के भी मारे जाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन देर रात तक उसका शव नहीं मिलने के कारण और एक आतंकी द्वारा फायरिंग किए जाने के बाद सुरक्षाबलों को लगा था कि वह जिंदा है और वही फायर कर रहा है। सोमवार आधी रात के बाद करीब दो बजे फायरिंग पूरी तरह से बंद होने पर जवानों ने जब तलाशी ली तो उन्हें हिब्लिश कुलगाम के आतंकी यावर बशीर का गोलियों से छलनी शव मिला। वह इसी साल फरवरी में एक सुरक्षाकर्मी से हथियार छीनने के बाद लश्कर में शामिल हुआ था। इस बीच सुरक्षाबलों को पता चला कि मारे गए आतंकियों के दो साथी मुठभेड़ के दौरान जान बचाने के लिए आतंकी समर्थक भीड़ के पथराव की आड़ लेकर भागकर अनंतनाग में एक मैटरनिटी अस्पताल में जा छिपे हैं। सुरक्षाबलों ने तुरंत अस्पताल की घेराबंदी की और वहां से हमजापोरा के आतंकी रशीद अहमद अलाई को पकड़ लिया। दूसरा आतंकी संगम बिजबिहाड़ा का मोहम्मद यूनुस वागे वहां से भाग निकला था। उसे भी कुछ ही देर बाद जिंदा पकड़ लिया गया। हालांकि, पुलिस ने रशीद के ही पकड़े जाने की पुष्टि की है। रशीद दो दिन पहले ही आतंकी बना था और लश्कर के यावर गुट में शामिल हुआ था। उसके पास से एक चाइनीज पिस्तौल और एक भरी हुई पिस्टल मैगजीन मिली है। पूछताछ में रशीद ने बताया कि वह सैन्य काफिले पर हमले के समय यावर और फुरकान के साथ ही था। मुठभेड़ के समय वह अपने एक अन्य साथी के साथ बच निकला था। वह अगर पकड़ा नहीं जाता तो अपने साथी के साथ सुरक्षाबलों से हथियार लूटने की एक वारदात को अंजाम देने वाला था। पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजी मुनीर अहमद खान के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकियों में से यावर और माविया इस वर्ष 10 जुलाई को श्री अमरनाथ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की बस पर किए हमले में शामिल थे। आतंकी हमले में आठ श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। हमले का मास्टर माइंड अबु इस्माइल सितंबर में श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र नौगाम में मारा गया था। उस हमले में शामिल लगभग सभी आतंकी मारे जा चुके हैं। केवल शकूर जिंदा है, जिसे जल्द मार गिराया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनका ओजीडब्ल्यू नेटवर्क पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, जिनके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस गुत्थी को सुलझाया गया। सेना के सेक्टर दो कमांडर सचिन मलिक ने बताया कि अबु फुरकान ए डबल प्लस कैटेगरी का आतंकी था। अबु इस्माइल के मारे जाने के बाद वह लश्कर के दक्षिणी कश्मीर का डिवीजनल कमांडर बना था। अबू माविया और यावर बशीर दोनों ए प्लस कैटेगरी के आतंकी थे। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन को सभी सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े ही तालमेल के साथ अंजाम दिया गया। लश्कर के टाप कमांडरों के मारे जाने से संगठन को बहुत बड़ा झटका लगा है।
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