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एनएचएम कर्मियों पर पुलिस ने लाठियां भांजी, 18 घायल

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जम्मू। सात दिन से काम छोड़ो हड़ताल पर चल रहे नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों पर सोमवार को डोगरा चौक पर पुलिस ने लाठियां भांजी। इससे 18 कर्मचारी घायल हो गए। कई को फैक्चर हुए हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने महिला कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की कर लाठियां चलाईं। लाठीचार्ज के बाद कर्मचारियों ने वाहनों के शीशे साफ करके सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
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प्रदर्शनी मैदान से मंगलवार दोपहर रैली की शक्ल में एनएचएम कर्मचारियों ने बाहर आने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी मांगों के लिए नारेबाजी करते हुए डोगरा चौक पर पहुंच गए। इस दौरान चारों ओर से जाम लग गया। कर्मचारियों ने सड़क पर धरना दे दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजना शुरू कर दीं। इससे कर्मचारियों में भगदड़ की स्थिति बन गई। फ्लाईओवर पर लोगों को भारी जमावड़ा लगा हुआ था। इस बीच कई महिला कर्मचारी वाहनों पर चढ़कर नारेबाजी करने लगीं।
लाठीचार्ज में हड़ताल को समर्थन कर रहे आरएनटीसीपी, जेकेएसएसीएस के कर्मचारी भी घायल हुए। इसमें कई डाक्टर भी शामिल थे। एनएचएम एसोसिएशन के प्रवक्ता फैयाजन ए त्रांबू ने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्वक ढंग से रैली निकाल रहे थे। उनका मकसद वाहनों के शीशे साफ करना था, लेकिन पुरुष पुलिस कर्मियों ने महिला कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा और लाठियां चला दीं। उनके अनुसार लाठीचार्ज में कर्मचारी शिव संदीप की बाजू में फ्रैक्चर हुआ है, उन्हें जीएमसी भर्ती कराया गया। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों को भी घायल अवस्था में अस्पतालों में भेजा गया। घायलों में रजा गनई, डा. हामिद परे, अशोक शाम, रूबीना बानो, मरियम बानो, नाईदा अख्तर, इतफर उल निसार, महमूदा सलीम, राजेंद्र सिंह, रियाज अहमद, नादिया, डा. वीरेंद्र, फैजान अली, शब्बीर अहमद आदि शामिल हैं।
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स्वास्थ्य मंत्री एनएचएम सहित अन्य अस्थायी कर्मियों के नियमितीकरण की फाइल को वित्त विभाग के पास भेजने का दावा कर रहे हैं, लेकिन असल में ऐसा है तो उन्हें लिखित में इसकी जानकारी दी जाए। सरकार अन्य विभागों में साठ हजार मुलाजिमों को स्थायी करने की नीति बना रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के हजारों अस्थायी कर्मचारियों को नजर अंदाज किया जा रहा है। एनएचएम सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अस्थायी कर्मचारी नियमितीकरण और अन्य मांगों के लिए काम छोड़ो हड़ताल पर चल रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शन में बड़ी संख्या में एनएचएम डाक्टर और महिला कर्मचारी शामिल रहे।

मेडिकल फेडरेशन ने चेताया
जम्मू। जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने एनएचएम कर्मचारियों पर लाठीचार्ज की निंदा करके हुए उनके आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार कर्मचारियों की आवाज को इस तरह से दबाने का काम करेगी तो स्थायी कर्मचारी भी सड़क पर उतर आएंगे। सरकार को अस्थायी कर्मचारियों के भविष्य को गंभीरता से लेना चाहिए।
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