फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना की यह समस्या राजस्थान के लिए बन सकती है वरदान, केंद्र को भेजा प्रस्ताव

Tue, 06 Feb 2018 03:48 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
बाढ़ - फोटो : demo
विज्ञापन

यमुना में बाढ़ एक बड़ी समस्या है और इसकी वजह से हर साल नुकसान होता है, लेकिन यह बाढ़ राजस्थान की एक बड़ी समस्या को हल कर सकती है। बाढ़ का यह पानी राजस्थान के लिए वरदान साबित हो सकता है। 

विज्ञापन


दरअसल, बाढ़ के इस पानी को राजस्थान लाकर कई जिलों की प्यास बुझाई जा सकती है। इसके लिए राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार प्रस्ताव भेजा है। यह जानकारी आज राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने विधायक फूलचंद भिंडा के सवाल के जवाब में दी। उन्होंने बताया कि वर्षाकाल में यमुना के पानी को ताजेवाला से झुंझुनूं एवं चूरू जिलों में उपयोग के लिए लाने के लिए एक प्री फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार की गई है। इसे केन्‍द्रीय जल आयोग को भेजा गया है। 

गौरतलब है कि यमुना की बाढ़ का पानी शेखावटी के लिए वरदान साबित हो सकता है। यदि ये पानी मिल जाता है तो राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनूं में न केवल पानी की समस्या हल होगी बल्कि यहां हरियाली भी बढ़ेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

चंबल के पानी को लेकर है ये योजना

राजस्थान विधानसभा
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि प्रदेश में नदियों को जोड़ने की परियोजना के अन्‍तर्गत दो प्रस्ताव तैयार किए हैं। 

जिन्हें केंद्रीय जल बोर्ड को भेजा जा चुका है। पहला प्रस्ताव, चंबल की सहायक नदी ब्राह्मणी और चंबल में बारिश के दौरान आने वाले सरप्लस पानी को बीसलपुर बांध में डालने की योजना है। गौरतलब है ​कि टोंक जिले में स्थित बीसलपुरा बांध इस समय प्रदेश की राजधानी जयपुर समेत अजमेर, टोंक और भीलवाड़ा की प्यास बुझा रहा है। 

दूसरा प्रस्ताव, पूर्वी नहर परियोजना के तहत चंबल की सहायक नदियों कूल, कुन्नू, पार्वती, कालीसिंध, पार्वती, मेज व चाकन नदी के सरप्लस पानी को कम जल उपलब्धता वाले बेसिन बनास, मोरेल, बाणगंगा, गंभीरी एवं पर्वती नदी बेसिन में अपरिवर्तन करने की योजना है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें