राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य सचिव और निदेशक सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि धौलपुर और भरतपुर के याचिकाकर्ता जाटों को नर्स ग्रेड द्वितीय भर्ती के ओबीसी वर्ग में नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही है।
न्यायाधीश अशोक गौड़ की एकलपीठ ने यह आदेश चंद्रशेखर व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता सतीश खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने फरवरी 2013 में 15,000 से अधिक नर्स ग्रेड द्वितीय के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था। याचिकाकर्ताओं ने ओबीसी वर्ग में आवेदन किया था, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया के लंबित रहने के दौरान हाईकोर्ट ने आरक्षण रद्द कर दिया था। वहीं, गत 23 अगस्त को भरतपुर और धौलपुर के जाटों को पुनः ओबीसी मानते हुए आरक्षण का लाभ दिया था।
याचिका में कहा गया है कि वर्तमान में नर्स ग्रेड द्वितीय 2013 की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके बावजूद भी याचिकाकर्ताओं को नियुक्तियां नहीं दी जा रही है, जबकि याचिकाकर्ता ओबीसी वर्ग की मेरिट में स्थान रखते हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।