फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शाह ले सकते हैं अंदरूनी गुटबाजी पर कड़े फैसले, अभी ये हैं हालात

Fri, 21 Jul 2017 03:41 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
अमित शाह
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के सियासी मायनों को लेकर प्रदेश भाजपा में सुगबुगाहट जोर पकड़ रही है। उनके इस दौरे के बाद भाजपा में चल रही गुटबाजी पर भी लगाम लगने के कयास लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन


अमित शाह आज जयपुर पहुंचे। यहां पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत  हुआ। शाह का यह दौरा राजस्थान के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव है और इन चुनावों के लिए भाजपा की रणनीति भी शाह के इस दौरे के दौरान तय होगी।

2018 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की केंद्रीय इकाई ने पदाधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों को बूथ लेवल तक पहुंचने का कार्यक्रम तय किया है। इस दिशा में शाह ने यहां के मंत्रियों और विधायकों से अलग-अलग बैठक कर फीडबैक लिया और उन्हें चुनाव के लिए अभी से कमर कसने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

अमित शाह के दौरे से भाजपा में गुटबाजी पर लगेगी लगाम

सीएम राजे ने किया अमित शाह का स्वागत
भाजपा में एक गुट सीएम राजे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है और इसमे शामिल कद्दावार नेता अपनी बात शाह तक पहुंचाने की हर संभव कोशिश कर रहे है। राजे विरोधी ये तीखे तेवर शाह के साथ बैठकों में सामने आ सकते है।

वसुंधरा राजे के खिलाफ खुलकर बोलने वाले वरिष्ठ विधायक घनश्या​म तिवाड़ी आज शाह के साथ विधायकों की बैठक में नहीं पहुंचे। वे सीएम पर सिविल लाइंस का बंगला हड़पने जैसा आरोप लगा चुके है। उनके खिलाफ प्रदेश इकाई ने केंद्रीय अनुशासन समिति को भी शिकायत भेज रखी है, जिस पर अभी निर्णय होना बाकी है।

रामगढ़ विधायक ज्ञानदेव आहूजा भी कई बार प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ अपना दर्द जता चुके हैं। इस तरह कुछ और विधायक और नेता है, जो राजे और प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी के खिलाफ हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई या फिर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की बात पर शाह के इस दौरे के बाद मु​हर लग सकती है।

अमित शाह के करीबी माने जाने वाले ओमप्रकाश माथुर का प्रदेश की राजनीति में भविष्य भी इस दौरे से तय हो सकता है। राजपा से विधायक और मीणा समाज के कद्दावर नेता किरोड़ीलाल मीणा की भाजपा में वापसी को लेकर भी चर्चाएं गरम हैंं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें