बेड़ियों में जकड़ा हुआ धन्नाराम (फाइल फोटो))
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जैसलमेर जिले के पोकरण के भणियाणा क्षेत्र के खींवसर गांव में धन्नाराम को पेड़ की बेड़ियों से बांधकर रखने का मामला सामने आया था। मामले में जातीय पंचों ने उसे पत्नी से विवाद होने पर सात दिन पर पेड़ से बांधे रखने की सजा दी थी। पुलिस ने मामले में एक महिला सहित चार जनों को गिरफ्तार कर लिया है।
जातीय पंचों की तुगलकी फरमान पर अब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है, जहां सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। बेडियों से धन्नाराम को बांधने के आरोप में धूडाराम, डूंगराराम, देवाराम, गंगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। दरअसल, पोकरण उपखण्ड के खींवसर गांव में धन्नाराम को घर के झगड़े में अपनी माता का साथ देने की सजा सुनाई गई थी। जातीय पंचों ने खुले आसमान के नीचे एक सप्ताह तक बेडियों से बांधने का फरमान सुनाया था।
पंचों ने धन्नाराम को सुधारने के लिए उसकी पत्नी गंगा को रोज दो थप्पडे़ं मारने की भी नसीहत दी थी। जानकारी के मुताबिक धन्नाराम जहां अपनी माता के साथ रहना चाहता था वहीं उसकी पत्नी गंगा को अपनी सास का साथ पसंद नहीं था।
गंगा ने अपने साथ पति गंगाराम व सास मीरा देवी पर गाली गलौच व मारपीट के आरोप लगाए थे, इसके लिए उसने जातीय पंचों से न्याय की गुहार लगाई थी। वहीं जातीय पंचों ने पंचायती कर धन्नाराम को बेडि़यों से बांधने का फरमान सुनाया था। करीबन चार दिन बाद मीडिया में खबरें आने के बाद धन्नाराम को बेडियों से आजादी मिली वहीं धन्नाराम ने पुलिस में मामला दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई थी।