जैसलमेर में एक गांव की पंचायत ने पति पत्नी के बीच हुए घरेलू विवाद को लेकर बड़ा ही अजीबो गरीब फरमान सुनाया है। पंचायत ने धनाराम नाम के एक शख्स को अपनी बूढ़ी और बीमार मां के साथ रहने और पत्नी की बात नहीं सुनने परउसे एक सप्ताह तक खुले आसमान के नीचे पेड़ से बंधे रहने की सजा सुनाई और उसकी पत्नी को उसे रोज दो थप्पड़ मारने की हिदायत भी दी है।
यह मामला जैसलमेर जिले के पोकरण उपखंड के खींवसर गांव का है जहां के रहने वाले धनाराम का पिछले कुछ समय से उसकी पत्नी गंगा के बीच 70 वर्षीय मां की सेवा को लेकर विवाद चल रहा था। धनाराम अपनी माता के साथ रहना चाहता था लेकिन उसकी पत्नी को यह पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर चार दिन पूर्व कहासुनी में पत्नी ने अपने पीहर पक्ष को बुलाया। पंचायत के दौरान धनाराम की पत्नी गंगा ने अपने पति व सास द्वारा अक्सर गाली गलौच व मारपीट का आरोप लगाया। धनाराम व उसकी माता के ऐसे व्यवहार को देखकर पंचों ने धनाराम को खुले आसमान के नीचे 7 दिन तक पेड़ से बंधा रहने का फरमान सुनाया। वहीं उसकी पत्नी गंगा को उसे सुधारने के लिए रोज दो थप्पड़ लगाने की भी नसीहत दी।
धनाराम की माता मीरा देवी के अनुसार धनाराम उसके साथ रहना चाहता था लेकिन उसकी पत्नी गंगा व उसके पीहर पक्ष ने पंचों के कहने पर उसे पेड से बांध दिया। वहीं धनाराम ने भी मां व पत्नी के बीच विवाद के चलते पीहर पक्ष द्वारा खेजड़ी के पेड़ से बांधे जाने की बात को स्वीकारा।
मामले के तूल पकड़ने के साथ ही पुलिस ने भी अपनी कार्यवाही प्रारंभ कर दी। पुलिस ने धनाराम को मंगलवार के दिन खेजड़ी के पेड़ से मुक्त करवा दिया तथा उपचार के लिए उसे पोकरण लाया गया जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर अग्रिम कार्यवाही करेगी।