तमाशा रांझा हीर का मंचन करते कलाकार
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उत्तर प्रदेश चुनावों ने राजनीतिक गलियारों के साथ ही परम्पराओं में भी सेंध लगा दी है। यूपी चुनाव की चर्चा अब होली पर जयपुर में होने वाले तमाशा हीर रांझा में भी सुनने को मिलेगी। हर साल की तरह इस साल भी होने वाला ये तमाशा इन चुनावों और इसके किस्सों की वजह से ज्यादा रोचक होगा। तमाशे में हीर रांझे के प्रेम के साथ ही उत्तर प्रदेश की चुनावी चकल्लस भी शामिल होगी।
वीणा पाणी कला मंदिर की ओर से ये तमाशा 12 मार्च को ब्रह्मपुरी के छोटा अखाड़ा में आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रेम को दर्शाने वाले तमाशा रांझा हीर में कथा के साथ आधुनिक संदर्भो से जोड़ते हुए वर्तमान राजनीति, घटनाओं और वर्तमान मुद्दों जैसे नोटबंदी, यू.पी. चुनाव, कालाधन वापसी के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी कटाक्ष किया जाएगा | पिछले 300 वर्षों से होली के अवसर पर इस तमाशा का मंचन किया जा रहा है। इस तमाशे का निर्देशन प्रसिद्ध तमाशा गुरु वासुदेव भट्ट करेंगे एवं संगीत दामोदर भट्ट का होगा | रांझा की भूमिका में तपन भट्ट और हीर की भूमिका में विनत भट्ट होंगे |
गौरतलब है कि जयपुर के पूर्व महाराजा प्रताप सिंह के काल में तमाशा शैली शुरू हुई। इस तमाशा शैली के प्रवर्तक बंशीधर भट्ट लिखित 52 तमाशों में तमाशा रांझा हीर प्रमुख स्थान रखता है | खुले मंच पर चारों तरफ बैठे दर्शकों के बीच होने वाला तमाशा बरसों से रसिकजनों को रिझाने एवं आकर्षित करने में सफल रहा है |