सीकर में गुरुवार को दो हजार ऑटो का चक्का जाम रहा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वे अपनी जगह ही खड़े रहे। ऐसे में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रोजाना करीब सत्तर हजार यात्रियों को सफर करवाने वाले ऑटोचालकों ने विरोध किया। इसमें प्रमुख मांग बदहाल सड़कों की स्थिति सुधारने की थी।
ऑटो यूनियनों से जुड़े लोगों ने बताया कि बदहाल सड़कों ने ऑटोचालकों के साथ कमर दर्द की बीमारी खड़ी कर दी है। कई चालकों को ईलाज तक करवाना पड़ रहा है। दरअसल सीकर में बारह सूत्रीय मांगों को लेकर ऑटोचालकों की हड़ताल रही। दिन भर ऑटोचालक ने गाड़ी नहीं चलाई। दो हजार ऑटो चालक हड़ताल पर रहे। इन मांगों में सड़कों की बदहाल स्थिति, हाइटेक नम्बर प्लेट के नाम पर होने वाली वसूली, पार्किंग के नाम पर यातायात पुलिस की कार्रवाई समेत कई मांगें शामिल थी।
ऑटोचालक यूनियन के महासचिव दिलीप मिश्रा ने बताया कि शहर में सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। कई जगहों पर टूटी हुई है तो कहीं कही तो बड़े बड़े गड्डे हैं। ऐसे में आम लोगों के साथ ही हमें भी दोहरा नुकसान हो रहा है। गाड़ी तो टूट फूट जाती है। साथ ही ड्राइवर कमर दर्द व रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी से ग्रस्त हो गए हैं। कई लोग हैं जो परेशान हो रहे हैं, ईलाज करवा रहे हैं। हमारी मांग है कि सबसे पहले सड़कों के हालाता सुधारे जाएं। नहीं तो यह समस्या और भी बढ़ जाएगी।