राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से बचने की गली निकालते हुए कई स्टेट हाइवे को डिनोटिफाई कर दिया है। राज्य के सार्वजनिक निर्माण विभाग ने यह कदम शराब के ठेके बचाने के लिए उठाया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2016 में आदेश दिया था कि नेशनल व स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानें नहीं होंगी। हालांकि इसके बाद सीजेआई जस्टिस खेहर की बेंच ने यह आदेश दिए कि जिन क्षेत्रों में आबादी 20000 से कम है वहां हाईवे व नेशनल हाईवे से 220 मीटर के बाद शराब की दुकानें खोली जा सकती है। कोर्ट ने यह आदेश स्टेट हाईवे व नेशनल हाईवे पर बढ़ी रहीं दुर्घटनाओं के चलते दिया था।
लेकिन राजस्थान सरकार ने प्रदेश में स्टेट हाईवे के नजदीक चल रही शराब की दुकानों को बचाने के लिए 21 सड़कों को डिनोटिफाई कर शहरी सड़कों में बदल दिया है। हालांकि प्रदेश सरकार के इस कदम की आलोचना भी हो रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि सरकार शराब की दुकानों से ज्यादा सदभावना रखती है। जबकि कोर्ट ने यह आदेश दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दिया था जिसकी पालना करनी चाहिए थी।