प्रदेश सरकार के केबिनेट मिनिस्टर ने अपने पिता की मौत होने पर मृत्यु भोज का आयोजन किया था। ये मंत्री सीएम के भी बेहद खास बताए जाते हैं। मामले में इस मंत्री के खिलाफ एक संस्था ने परिवाद पेश किया था।
न्यायालय ने पिता के मृत्यु भोज के मामले में निगरानी याचिका पर राज्य के काबीना मंत्री यूनुस खान के खिलाफ प्रसंज्ञान यथावत रखा है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज भारद्वाज की कोर्ट ने इस मामले में अन्य आठ आरोपियों को बरी कर दिया है।
मामला वर्ष 2005 का है, प्रकरण के अनुसार यूनुस खान के पिता ताजू खां का निधन होने पर गनेडी गांव में मृत्यु भोज का आयोजन किया गया था। इस मामले में पीयूसीएल संस्था के कैलाश मीना की ओर से लक्ष्मणगढ़ के न्यायालय में राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम के तहत परिवाद पेश किया गया था। इस पर 2008 में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मंत्री यूनुस खान सहित दस जनों के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया था। जिला एवं सत्र न्यायालय के यहां पर निगरानी याचिका लगाई गयी थी।