राजस्थान में विधानसभा का सत्र शुरू होते ही हंगामे के बीच सरकार ने आज विवादित बिल सदन के पटल पर रख दिया गया। वहीं, इस बिल के पेश होने के साथ इसके खिलाफ हाईकोर्ट में तीन याचिकाएं दायर की गई हैं।
दरअसल, दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश, 2017 को चुनौती देते हुए आज राजस्थान हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता श्रंजना श्रेष्ठ व अधिवक्ता पीसी भंडारी ने अध्यादेश को जनहित याचिका के जरिए चुनौती दी है। वहीं अधिवक्ता भगवत गौड़ की ओर से याचिका दायर कर अध्यादेश रद्द करने की गुहार की गई है।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता भगवत गौड़ की ओर से आज याचिका दायर कर अदालत से मामले में जल्दी सुनवाई की गुहार की गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया सीआरपीसी और आईपीसी में संशोधन के लिए विधानसभा में बिल पेश हो चुका है। ऐसे में याचिका पर जल्दी सुनवाई की जाए। इस पर न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश दीपक माहेश्वरी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की दलील को खारिज करते हुए याचिका को नियमित सुनवाई की प्रक्रिया के तहत ही सूचीबद्ध करने को कहा है। ऐसे में अदालत अब 27 अक्टूबर को याचिका पर सुनवाई करेगी।