थर्ड जनरेशन फायर एंड फोरगेट एंटी टैंक मिसाइल नाग का परीक्षण जैसलमेर की पोकरण फील्ड रेंज में प्रारंभ होने की सूचना है। डीआरडीओ निर्मित मिसाइल का परीक्षण तीन-चार दिन चलने की संभावना है।
हालांकि सेना की ओर से इस परीक्षण की पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन पोकरण में डीआरडीओ व सेना के अधिकारी मौजूद है। नाग मिसाइल का पिछले वर्ष बीकानेर की महाजन फील्ड में भी परीक्षण किया गया था। लेकिन उच्च तापमान में मिसाइल में कुछ तकनीकि खामियां सामने आई थी। जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष परीक्षण के दौरान चार किलोमीटर तक मारक क्षमता रखी गई थी। लेकिन इस बार परीक्षण तीन किलोमीटर रेंज में किया जा रहा है।
इस मिसाइल को गाइड करने के लिए इसमें लगा इमेजिंग इंफ्रा रेड सिकर ज्यादा गर्मी के दौरान सही से कार्य नहीं कर सका था। इसलिए अब पुन: इस मिसाइल का परीक्षण करने की खबर है। डीआरडीओ के नाग मिसाइल प्रोजेक्ट की लागत 350 करोड़ रुपए से भी अधिक है।
जानकारी के अनुसार अब परीक्षण में मिसाइल में उच्च क्षमता के डिटेक्टर लगाए गए है, जो अधिक गर्मी में भी मिसाइल को दिशा से भटकने नहीं देंगे।