प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को अब मैसेज भेजा जाएगा। इसमें उन्हें स्कूल में आकर अपने बच्चों की पढ़ाई के बारे में चर्चा करने के लिए बुलाया जाएगा।
दरअसल अभी तक आपने निजी स्कूलों में पैरेंट्स टीचर मीटिंग होते हुए देखी होगी, लेकिन जल्द ही ये मीटिंग सरकारी स्कूलों में भी दिखेगी। यहां इसका नाम भले ही पैरेंट्स टीचर मीटिंग जैसा अंग्रेजी में ना हो फिर भी आपसे चर्चा स्कूल के अध्यापक ही करेंगे। सभी मोबाइल फोन रखने वाले अभिभावकों के फोन पर सरकारी स्कूल के प्रधान की ओर से मैसेज भेजा जाएगा, जिसमें लिखा होगा कि पधारें और अपने बच्चे की प्रगति को जानें। इस मैसेज का एक उद्देश्य आगामी पांच मई होने वाली बैठक में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन करना भी है। जानकारी के अनुसार इस बैठक में कमेटी के सभी सदस्यों का आना तो अनिवार्य है साथ ही बच्चों की प्रगति कैसी रही, इसकी जानकारी भी देना है। स्कूली बच्चों के रिजल्ट में किस तरह इम्प्रुवमेंट किया जा सके, इसके बारे में भी बैठक में चर्चा की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि बैठक में बच्चों के अभिभावकों की शिकायत—सुझाव लिए जाएंगे और भामाशाहों के सहयोग से विद्यालय के विकास पर भी मंथन किया जाएगा।
उधर, सरकारी स्कूलों में शुरू होने वाले नए सत्र से बच्चों के लिए नए यूनिफाॅर्म आदेश की पालना के भी आदेश जारी किए गए हैं। अब स्कूलों में नई यूनिफॉर्म के तहत छात्रों के लिए कतथई रंग का पेंट या हाफ पेंट और हल्के भूरे रंग का शर्ट होगा। वहीं, छात्राओं के लिए सलवार या स्कर्ट और चुन्नी कत्थई रंग की और कुर्ता या शर्ट हल्का भूरे रंग का होगा।