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उपद्रव: मारपीट के इरादे से ही जुटी थी भीड़, नहीं भांप पाई पुलिस

Sat, 09 Sep 2017 02:17 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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उपद्रव में घायल पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
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पुलिस की इंटेलिजेंस यदि सही रहती, तो जयपुर के रामगंज इलाके में कल देर रात हुई घटना को रोका जा सकता था। इस घटना में पुलिस की सुस्ती रही कि भीड़ बढ़ती चली गई और दंगे पर उतर आई। भीड़ ने पुलिस को पीटा, पत्थरबाजी हुई और भीड़ ने अगजनी तक कर डाली। मामला इतना बढ़ गया कि एक युवक की भी मौत तक हो गई।
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सूत्रों के अनुसार पहले पुलिस को अंदाजा नहीं था कि बिना हेलमेट पहने दम्पति को रोकने की बात से इतना बड़ा बवाल मच जाएगा। लेकिन जब भीड़ जुटने लगी थी, तब पुलिस को जाब्ता बुला लेना चाहिए था, लेकिन थाना पुलिस अपने स्तर पर ही विवाद रोकने का प्रयास करती रही और भीड़ बढ़ती चली गई।

अधिक भीड़ होने से लोगों के हौसले इतने बुलंद हो गए कि वे पुलिस के साथ गाली-गलौच करने लगे और पत्थरबाजी शुरू हो गई। तब भी जाब्ता बुलाने में देरी कर डाली और बवाल से 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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उपद्रवियों के हावी होने के बाद जाब्ता आया और पुलिस ने हालातों पर काबू पाने के लिए पहले आंसू गैस, फिर हवाई फायर किए।

थाने में घुसकर उसे आग के हवाले करना चाहती थी भीड़

मौके की एक तस्वीर - फोटो : amar ujala
रात करीब 11 बजे रामगंज में बेकाबू हुए हालातों के करीब  3 घंटे बाद आरएसी के जवान स्थितियों पर नियंत्रण पाने पहुंचे लेकिन तब तक भीड़ पावरहाउस समेत कई वाहनों को आग के हवाले कर चुकि थी।

पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता लेट आने का नतीजा यह रहा कि उपद्रवियों के हमले में पुलिस के कई जवान बुरी तरह से घायल हो गए थे, जिन्हें बड़ी मुश्किल से सवाई मानसिंह अस्पताल तक पहुंचाया गया।

सूत्रों के अनुसार देर रात भीड़ रामगंज थाने में घुसकर उसे आग के हवाले करना चाहती थी। भीड़ा एेसा कर भी देती, यदि जाब्ता आने में कुछ देर हो जाती।
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अफवाह ने लगाई ज्यादा आग

मौके की एक तस्वीर - फोटो : amar ujala
गंगा-जमूनी तहजीब के लिए जाने वाले जयपुर शहर हमेशा शांति और सौहार्द का प्रतीक रहा है, लेकिन शुक्रवार रात हुई इस घटना में सोशल मीडिया का फिर से माहौल बिगाड़ने वाला रूप देखने को मिला।

रामगंज में हुए मामूली विवाद के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहें, फेक वीडियोज, फोटो और मैसेज ने इस छोटे से विवाद को और ज्यादा भड़का दिया, जिससे एक समुदाय विशेष के लोगों की भीड़ मौके पर इकट्ठी होती चली गई।
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