जयपुर में जाली नोट मामलों की विशेष अदालत ने एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर दस लाख रुपए ठगने वाले अशोक गुप्ता और विक्रम सिन्हा की जमानत अर्जियों को खारिज कर दिया है।
जमानत अर्जियों में कहा गया कि प्रकरण के सह आरोपी उमाशंकर को गत दिनों हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसके अलावा प्रकरण में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। ऐसे में उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। मामले के अनुसार गत 7 मई को एटीएस ने गिरोह का पर्दाफाश कर कई लोगों को गिरफ्तार किया था। मामला खुलने के बाद भरतपुर निवासी हेमराज जाट ने एटीएस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपियों ने उसके भतीजे को एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के बदले साठ लाख रुपए लेना तय किया। इसमें से वे दस लाख रुपए एडवांस भी ले चुके हैं। जिस पर कार्रवाई करते हुए एटीएस ने इस प्रकरण में भी आरोपियों को जेल से गिरफ्तार किया था।