वासुदेव देवनानी को मांग पत्र सौंपते शिक्षक
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उदयपुर में चल रहे आवासीय शिविर में एक शिक्षक की तबीयत खराब हो गई। अस्पताल ले जाने के बाद शिक्षक की मौत हो गई। इसके बाद शिक्षकों में शिविरों के विरोध में रोष व्याप्त हो गया है।
जानकारी के मुताबिक राजस्थान में शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे आवासीय प्रशिक्षण शिविरों में बेहाल करते मौसम को लेकर शिक्षक पहले ही चिंतित थे। शिक्षकों की ओर से विभाग को माकूल व्यवस्थाओं के लिए चेताया भी गया था। उदयपुर के खैरवाड़ा में चल रहे आवासीय प्रशिक्षण शिविर में शिक्षक कालूराम पटेल की तबीयत खराब हो गई। बीपी हाई की परेशानी होने के चलते उन्हें शिविर से अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस खबर से शिक्षक संगठनों में विरोध जैसी स्थिति पैदा हो गई। शिविरों का विरोध कर रहे शिक्षक संगठनों ने शिविरों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया।
संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों को नजरअंदाज करते हुए इस सरकार ने असंवेदनशीलता का परिचय दिया है। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शशिभूषण शर्मा कहते हैं कि हालात ऐसे हैं कि शिविरों में शिक्षकों की तबीयत बिगड़ रही हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें जयपुर, पाली ,उदयपुर के शिविरों में शिक्षक अव्यवस्थाओं का शिकार हो कर बीमार हो गए।
इसके बाद शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री से उदयपुर के शिक्षक कालूराम पटेल की आवासीय प्रशिक्षण शिविर में असामयिक निधन पर उचित मुआवजे की मांग की। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया शिक्षा मंत्री ने इस मामले संवेदनशीलता दिखाते हुए नियमानुसार मुआवजे देने का आश्वासन संगठन को दिया।