एक धार्मिक आयोजन के दौरान गले में सांप की माला पहनकर पिछले दिनों चर्चा में राजस्थान के काबिना मंत्री राजेंद्र राठौड़ कानूनी पचड़े में फंस सकते है।
पिछले दिनों आयोजित गोगाजी के मेले में पहुंचे ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री राजेंद्र राठौड़ के गले में सांप डाल कर उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे काफी देर तक इन सांपों को लटकाएं घूमते रहे। उनकी ये तस्वीरें मीडिया में चर्चा का विषय बना। पशुओं के संरक्षण के लिए काम करने वाली मेनका गांधी की संस्था पीएफए ने राठौड़ पर इस मामले में वन्यजीव कानून की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है।
संस्था के राजस्थान प्रभारी बाबूलाल जाजू ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक चुरू को नोटिस देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंत्री राठौड़ ने गले में जो सांप डाले है वह अजगर प्रजाति के है और भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा के तहत अजगर अनुसूची दो में संरक्षित वन्यप्राणी है। इसको पालना, इसका प्रदर्शन करना और इसका शिकार करना इस अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
जाजू ने नोटिस पर कार्यवाही के लिए नेशनल वाईल्ड लाईफ बोर्ड के चेयरमेन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष पीएफए मेनका गांधी, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, एडिशनल डायरेक्टर वाईल्ड लाईफ क्राईम कन्ट्रोल ब्यूरो, चेयरमेन एनिमल वेलफेयर बोर्ड आॅफ इण्डिया एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव वन, राजस्थान को भी पत्र भेजा है।