तेज धूप, तपती जमीन और उस पर नंगे पैर स्कूल आने की मजबूरी। सरकारी स्कूलों के बच्चों को इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए बाड़मेर में एक पहल की जा रही है।
इस पहल से बाड़मेर के 42 डिग्री के तापमान पर जब जमीन तपती रहेगी तब भी बच्चों के पैर में छाले नहीं पड़ेंगे। विभाग जनसहयोग से उन्हें जूते उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करेगा। बिना जूते स्कूल आने वाले बच्चों की सूची बनेगी, उन्हें जूते दिए जाएंगे। इसके लिए 24 अप्रेल को खास चरण पादुका दिवस मनाया जाएगा। दरअसल बाड़मेर जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि आने वाली 24 तारीख को विद्यालयों में चरण पादूका दिवस मनाया जाएगा।
चरण पादूका दिवस यानी जिस दिन बच्चों को पदवेश वितरित किए जाएंगे। यह दिन खास तौर पर उन बच्चों को ध्यान में रखकर आयोजित किया जाएगा, जिनके पास जूते नहीं है। जो बच्चे बिना पदवेश स्कूल आते हैं, उन्हें जूते बांटे जाएंगे।
इसके तहत ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि इस तरह के बच्चों की सूची बनाकर तैयार रखी जाए, जिनके पास पहनने को जूते नहीं हैं। इस सूची को एसएससी की बैठक में सदस्यों व अभिभावकों के सामने रखी जाए।
अभिभावकों को बच्चों को जूते पहनाकर भेजने की समझाईश की जाए। उन्हें इस बैठक में बाकयदा शपथ दिलाई जाए कि वे बच्चों को जूते पहनाकर ही स्कूल भेंजेंगे। अब बात उन बच्चों की जिनके अभिभावक उनके जूते नहीं दिला पा रहे हैं।
इसके लिए भामाशाहों को बुलाने व इन बच्चों के लिए जूतों की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही चरण पादुका दिवस पर ही रैली निकालकर जूते पहनाकर बच्चों को स्कूल भेजने का संदेश दिया जाएगा