जयपुर की पोक्सो मामलों की विशेष अदालत ने सोलह साल की किशोरी के अपहरण के मामले में अभियुक्त हंसराज गुर्जर को पांच साल की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने माना है कि नाबालिग की सहमति का कानूनन कोई महत्व नहीं है। ऐसे में अभियुक्त का अपराध कम नहीं हो जाता है। मामले के अनुसार किशोरी के पिता जयपालसिंह ने 12 अप्रैल 2015 को पनियाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि अभियुक्त उसकी नाबालिग पुत्री को गत 9 अप्रैल को बहला—फुसलाकर ले गया। इस दौरान किशोरी अपने साथ नकदी और कीमती सामान भी ले गई। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक माह बाद दिल्ली से अभियुक्त को गिरफ्तार किया। सुनवाई के दौरान अभियुक्त की ओर से कहा गया कि वह और किशोरी आपसी सहमति से घर से भागे थे।