दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के मामले में कोर्ट ने हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला सीकर से जुड़ा है।
यहां के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-4 सुरेंद्र कुमार पुरोहित ने आज सुनाए फैसले में अभियुक्त पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले में अभियुक्त के पुत्र ने अदालत में पिता के खिलाफ गवाही दी थी। इसे सही मानते हुए अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। अपर लोक अभियोजक रमेश कुमार पारीक के अनुसार लक्ष्मणगढ़ इलाके के बलारा थाने की स्वामियों की ढाणी निवासी मंजू देवी पत्नी सत्यजीत कुलहरि की 20 मई 2016 को संधिग्ध हालात में मौत हो गईं थी।
इस पर मृतका मंजू के भाई विजय कुमार पचार ने पति सहित ससुरालवालों पर बहन को दहेज के मारपीट करने और उसकी करने हत्या का आरोप लगाया। बलारा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के बाद चालान पेश कर दिया। इसमें अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण गवाह दंपती का बेटा साहिल था। उसने बयानों में पिता पर शराब पीकर मां से मारपीट करने की बात कही थी। सुनवाई के बाद एडीजे कोर्ट ने अभियुक्त सत्यजीत कुलहरि पुत्र सुल्तान सिंह जाट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।