फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब एक स्कूल से जोर-जोर से आने लगी बच्चियों के रोने की आवाज

Thu, 07 Sep 2017 11:25 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री राजस्थान
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों में शिक्षा को लेकर बरती जाने वाली लापरवाही की शिकायतें आम बात है। लेकिन लापरवाही का आलम जब यह हो कि स्कूल आने वाले बच्चों की जान पर बन आए तो चिंता अधिक हो जाती है।
विज्ञापन


ऐसा ही कुछ हुआ राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी के गृह जिले अजमेर में। जिले के केकड़ी में स्थित एक सरकारी स्कूल से अचानक बच्चियों के जोर-जोर से रोने की आवाज आने लगी। आवाज सुनकर स्कूल के मुख्य गेट पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

लेकिन कोई अंदर नहीं जा पा रहा था, क्योंकि स्कूल गेट पर ताला लगा हुआ था। जब रोने की आवाज अधिक हुई तो कुछ लोगों ने हिम्मत कर स्कूल की दीवार फांदी और अंदर पहुंचे। वहां पहुंचकर लोगों ने देखा कि नौ मासूम बच्चियां स्कूल के भीतर हैं और रो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चियों के बंद होने का ये था कारण, मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

फाइल फोटो।
दरअसल स्कूल का चपरासी बुधवार दोपहर को जल्दबाजी में क्लासरुम की जांच किए बिना ही बच्चियों को स्कूल में बंद कर चला गया। ये बच्चियां स्कूल का कार्य कर रही थीं, लेकिन स्कूल कर्मचारी ने इस और ध्यान नहीं दिया और वह ताला लगाकर चला गया। जानकारी के अनुसार कुल नौ बच्चियां स्कूल के भीतर ही बंद रह गई। ये बच्चियां कक्षा तीन और चार की है।

वहीं जब बच्चियां काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो उनके परिजनों ने भी उन्हें ढूंढने का प्रयास किया। लेकिन स्कूल गेट पर ताला लगा होने के कारण अंदर जाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद बच्चियों को दीवार पर चढ़ाकर स्कूल से बाहर निकाला गया। वहीं स्थानीय लोगों में  स्कूल की इस लापरवाही से रोष है। लोगों ने उचित कार्रवाई की मांग की है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें