राजनीति में कब क्या हो जाए, यह कोई भी नहीं जानता। राजनीति में दुश्मनी स्थाई नहीं होती। ऐसा ही कुछ नजर आया राजस्थान में जब पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से मिलने पहुंचे।
राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच प्रताप सिंह खाचरियावास सचिन पायलट को मुख्यमंत्री स्वीकार करने के कतई पक्ष में नहीं थे। खाचरियावास ने कहा, हमें सचिन पायलट मुख्यमंत्री के रूप में पसंद नहीं हैं। खाचरियावास इन दिनों गहलोत के सबसे निकट हैं। ऐसे में प्रदेश की जनता उस समय अचंभित रह गई, जब पायलट अचानक से खाचरियावास के आवास पर पहुंच गए।
बता दें कि दोनों की मुलाकात के बाद एक तस्वीर सामने आई, जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। दरअसल, सचिन पायलट प्रताप सिंह के डॉगी को दुलारते हुए नजर आ रहे हैं। जैसे ही ये तस्वीर सोशल मीडिया पर आई बस हाथों-हाथ लोगों ने कमेंट और शेयर करने शुरू कर दिए।
एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, यह तस्वीर बताती है कि कुत्तों से ज्यादा कोई वफादार नहीं होता। काश मेरा दोस्त भी कुछ सीख लेता। वहीं, एक यूजर ने लिखा, इंसानों से ज्यादा वफादार जानवर होते हैं। एक यूजर ने लिखा, ये तस्वीर बताती है कि सचिन पायलट और प्रताप सिंह खाचरियावास के कितने अच्छे संबध रहे होंगे तो वहीं, एक यूजर ने हंसने वाली इमोजी लगाते हुए कहा, मालिक भूल गया, लेकिन कुत्ता नहीं भूला।
बताते चलें कि प्रताप सिंह खाचरियावास पहले सचिन पायलट के बड़े ही करीबी माने जाते थे। लेकिन पिछले दो तीन साल में सियासी कारणों से दोनों के बीच मतभेद हो गए। खाचरियावास, जिनको जयपुर में शेर की उपाधि दी जाती है। उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि उनको उनके ही कुत्ते की वजह से जनता का ज्ञान झेलना पड़ जाएगा।